2027 चुनाव की तैयारी: चुनाव आयोग ने यूपी समेत 5 राज्यों में अधिकारियों के तबादले के दिए निर्देश
चुनाव आयोग ने यूपी समेत 5 राज्यों को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादले के निर्देश दिए हैं ताकि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित हो सकें।

आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा कदम उठाया है। चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर और गोवा की सरकारों को निर्देश दिया है कि वे चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों के तबादले जल्द से जल्द करें। इस प्रशासनिक फेरबदल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव के दौरान किसी भी अधिकारी का स्थानीय प्रभाव न रहे और पूरी प्रक्रिया बिना किसी भेदभाव के संपन्न हो।
इन अधिकारियों पर होगी कार्रवाई और यह है डेडलाइन
चुनाव आयोग द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक, उन अधिकारियों को हटाया जाएगा जो अपने गृह जिले में तैनात हैं या जिन्होंने एक ही जिले में तीन साल या उससे अधिक समय तक सेवा पूरी कर ली है। इस आदेश के दायरे में जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और सब-इंस्पेक्टर या उससे ऊपर के रैंक के पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
राज्य सरकारों के लिए समय सीमा बहुत सख्त रखी गई है। 27 अक्टूबर 2026 को जारी इस दस्तावेज़ के अनुसार, सभी संबंधित राज्यों को 30 नवंबर 2026 तक इन तबादलों की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। तबादलों का आधार यह होगा कि पिछले चार वर्षों के दौरान किसी अधिकारी ने किसी एक जिले में तीन साल बिताए हैं या नहीं। इसके लिए गणना की कट-ऑफ तारीखें 31 मार्च या 31 मई 2027 तय की गई हैं, जो अलग-अलग राज्यों की जरूरतों पर निर्भर करेंगी।
इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा की जाएगी। हालांकि, इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों के तबादले से सरकारी कामकाज में कुछ समय के लिए व्यवधान आ सकता है, लेकिन चुनावी विशेषज्ञों का मानना है कि प्रशासनिक मशीनरी की तटस्थता बनाए रखने और जनता का भरोसा जीतने के लिए यह एक नियमित और जरूरी प्रक्रिया है। अब सभी संबंधित राज्यों को 30 नवंबर तक अपनी अनुपालन रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंपनी होगी।