मनी लॉन्ड्रिंग मामला: रामपुर जेल पहुंचे ED अधिकारी, आजम खान से लंबी पूछताछ

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान से रामपुर जिला जेल में पूछताछ की। यह पूरी कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की गई है। ईडी की लखनऊ जोनल ऑफिस की टीम सुबह ही जेल पहुंची और आजम खान की बैरक में जाकर उनसे गहन पूछताछ की।
जांच एजेंसी का मुख्य फोकस इस बात पर है कि सरकारी ठेकों के जरिए आने वाले फंड को निजी ठेकेदारों के माध्यम से कैसे घुमाया गया। ईडी को संदेह है कि इन पैसों का इस्तेमाल मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्तियां बनाने में किया गया। एजेंसी ने अब तक जुटाए गए सबूतों के आधार पर आजम खान का बयान दर्ज किया है।
सरकारी फंड के हेरफेर का है आरोप
ईडी की जांच में अब तक यह बात सामने आई है कि कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच संदिग्ध वित्तीय लेनदेन हुए हैं। आरोप है कि सरकारी ठेकों से लाभ कमाने वाले ठेकेदारों ने बड़ी मात्रा में चंदा दिया और यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों में पैसा लगाया, जो वास्तव में डाइवर्ट किया गया सरकारी फंड था। ईडी अब इस अपराध की कमाई (proceeds of crime), वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल सबूतों को खंगाल रही है।
बता दें कि यह पूछताछ करीब ढाई महीने पहले की गई छापेमारी के बाद हुई है। 19 अगस्त को ईडी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में आजम खान से जुड़े 10 ठिकानों पर तलाशी ली थी।
रामपुर सदर से 10 बार विधायक रहे और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान लंबे समय से कानूनी मुश्किलों में घिरे हैं। वे पिछले साल नवंबर से जालसाजी के एक मामले में दोषी पाए जाने के बाद रामपुर जेल में बंद हैं। इसके अलावा, 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में उन्हें दो साल की सजा भी सुनाई गई थी।