आजम खान और जौहर ट्रस्ट पर ईडी का शिकंजा, 494 करोड़ की हेराफेरी में FIR दर्ज

Shubham Singh14 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
आजम खान और जौहर ट्रस्ट पर ईडी का शिकंजा, 494 करोड़ की हेराफेरी में FIR दर्ज

सपा नेता आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आजम खान, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और कुछ अन्य फर्मों के खिलाफ 494 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में एक औपचारिक एफआईआर (FIR) दर्ज की है। यह कार्रवाई ईडी के डिप्टी डायरेक्टर पीयूष एस. थ्रोट की शिकायत के बाद की गई है, जिसके बाद रामपुर के अजीमनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

यह बड़ी कार्रवाई आजम खान से रामपुर जेल में ईडी अधिकारियों द्वारा की गई आठ घंटे की लंबी पूछताछ के बाद सामने आई है। इस मामले में आजम खान के अलावा एस एस और एस एस एंटरप्राइजेज तथा एस एस चिके एसोसिएट्स जैसी फर्मों को भी नामजद किया गया है।

जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण खर्च में बड़ा अंतर

जांच का मुख्य केंद्र जौहर यूनिवर्सिटी कैंपस के निर्माण में हुआ खर्च है। ईडी के मुताबिक, यूनिवर्सिटी के निर्माण की कुल अनुमानित लागत लगभग 494.46 करोड़ रुपये है। लेकिन जब जौहर ट्रस्ट द्वारा साल 2013-14 से 2024-25 के बीच दाखिल किए गए इनकम टैक्स रिटर्न की जांच की गई, तो वहां पूंजीगत व्यय (capital expenditure) केवल 78.32 करोड़ रुपये दिखाया गया। इसका मतलब है कि करीब 416.14 करोड़ रुपये का हिसाब गायब है, जिसे ईडी अब खंगाल रही है।

सिर्फ इतना ही नहीं, अधिकारियों ने सार्वजनिक धन के दुरुपयोग का भी गंभीर आरोप लगाया है। जांच में पाया गया है कि लगभग 85.81 करोड़ रुपये के सरकारी फंड का गलत इस्तेमाल हुआ है। इसमें शामिल हैं:

  • सरकारी प्रोजेक्ट्स के लिए तय 55.8 करोड़ रुपये की निर्माण सामग्री का डायवर्जन।
  • हॉस्टल और अस्पताल के बुनियादी ढांचे के लिए सरकार द्वारा स्वीकृत 23.41 करोड़ रुपये।
  • विधायक और एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र विकास निधि से लिए गए 6.60 करोड़ रुपये।

ईडी अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि ट्रस्ट को मिले दान वास्तव में वैध थे या नहीं। संदेह जताया जा रहा है कि विभिन्न ठेकेदारों के जरिए फंड घुमाया गया और उसे 'चैरिटेबल डोनेशन' के रूप में दिखाया गया। इसके अलावा, अवैध भूमि अधिग्रहण और 'दुश्मन संपत्ति' (enemy property) के दुरुपयोग के आरोपों की भी जांच जारी है।

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