जेल से बाहर आते ही फंसे आजम खान, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने दबोचा
रामपुर जेल से छूटते ही सपा नेता आजम खान को ED ने हिरासत में लिया। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गाजियाबाद कोर्ट में पेशी होगी।

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार को जैसे ही आजम खान रामपुर जेल से रिहा हुए, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। यह पूरी कार्रवाई बेहद नाटकीय रही, क्योंकि ED की लखनऊ जोनल ऑफिस की टीम उनके रिहा होने से पहले ही जेल पहुंच गई थी और बाहर निकलते ही उन्हें अपनी गिरफ्त में ले लिया।
आजम खान को अब रविवार को गाजियाबाद की विशेष PMLA (मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम) अदालत में पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में की गई है।
सरकारी फंड के हेरफेर का है मामला
ED इस बात की जांच कर रही है कि क्या सरकारी ठेकों के पैसों को निजी ठेकेदारों के जरिए डायवर्ट किया गया और फिर उस पैसे का इस्तेमाल मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी की संपत्तियां बनाने में किया गया। जांच एजेंसी का दावा है कि कुछ ठेकेदारों और ट्रस्ट के बीच संदिग्ध वित्तीय लेनदेन हुए हैं, जिसमें भारी मात्रा में दान और निर्माण कार्य शामिल हैं।
इस मामले में ED पहले भी काफी सख्त कदम उठा चुकी है। अगस्त महीने में एजेंसी ने दिल्ली, रामपुर और सहारनपुर में आजम खान से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी। इतना ही नहीं, हाल ही में 28 अक्टूबर को ED ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को भी कुर्क (attach) कर लिया है। एजेंसी के मुताबिक, इन संपत्तियों की बुक वैल्यू 426 करोड़ रुपये है, लेकिन वर्तमान बाजार मूल्य करीब 1,170 करोड़ रुपये आंका गया है।
बता दें कि आजम खान पिछले साल नवंबर से रामपुर जिला जेल में बंद थे। उन पर जालसाजी के साथ-साथ सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में भी सजा सुनाई गई थी। 10 बार विधायक रहे आजम खान सपा के सबसे प्रभावशाली मुस्लिम चेहरों में से एक माने जाते हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से कानूनी कार्रवाइयों ने उन्हें मुश्किल में डाल रखा है।