यूपी की राइस मिल की शिकायत पर एक्शन, 110 बोरे डुप्लीकेट चावल जब्त

बिहार के फारबिसगंज में नामी ब्रांड के नाम पर नकली चावल बेचकर ग्राहकों को ठगने वाले एक बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले के नौतनवा स्थित 'लक्ष्मी राइस मिल' के मालिक नितेश जायसवाल की शिकायत पर की गई। पुलिस ने जब छुवापट्टी चौक के कादरी मोहल्ला स्थित एक गोदाम पर छापा मारा, तो वहां नजारा देख अधिकारी भी हैरान रह गए। गोदाम से 110 बोरे से ज्यादा डुप्लीकेट 'धन लक्ष्मी राइस' के चावल और भारी मात्रा में खाली बोरे बरामद किए गए हैं।
बताया जाता है कि यह गोदाम चावल कारोबारी कन्हैयालाल जायसवाल का है। वह न केवल खुद की दुकान चला रहा था, बल्कि इलाके के कई अन्य खुदरा दुकानदारों को भी यह नकली ब्रांडेड चावल सप्लाई करता था। इस छापेमारी के दौरान फारबिसगंज थाना पुलिस के साथ उत्तर प्रदेश से आए लक्ष्मी राइस मिल के पार्टनर नितेश जायसवाल भी मौजूद थे।
ब्रांड की नकल कर कमा रहे थे मुनाफा
शिकायतकर्ता नितेश जायसवाल ने खुलासा किया कि उनकी फर्म कई सालों से चावल का उत्पादन कर रही है और उनका ब्रांड पूरी तरह रजिस्टर्ड है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'मेसर्स गणेश भंडार' उनके रजिस्टर्ड ब्रांड और नाम का गलत इस्तेमाल कर बाजार में घटिया क्वालिटी का चावल महंगे दामों पर बेच रहा था। इस धोखाधड़ी की वजह से उनके व्यापार और ब्रांड की साख पर बुरा असर पड़ रहा था।
नितेश जायसवाल के मुताबिक, उन्हें इलाके के कई व्यापारियों से इस डुप्लीकेसी की शिकायतें मिल रही थीं। उन्होंने पहले मेसर्स गणेश भंडार को नोटिस भी भेजा था, लेकिन मुनाफाखोरी का यह काला खेल बंद नहीं हुआ। अंततः उन्होंने अररिया के पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लिया। जांच में सामने आया कि कन्हैयालाल जायसवाल एक गोदाम में चावल की पैकेजिंग करवाता था और दूसरे गोदाम में स्टॉक जमा कर उसे बाजार में खपाता था। इस पूरी कार्रवाई में सब इंस्पेक्टर अमित कुमार और उपेंद्र यादव समेत पुलिस बल के जवान शामिल रहे।