दुधवा नेशनल पार्क में गोल्डन जुबली सीजन का आगाज, 1 नवंबर से खुलेंगे जंगल के दरवाजे
दुधवा नेशनल पार्क अपना 50वां पर्यटन सीजन शुरू कर रहा है। इस बार सफारी के दौरान मोबाइल और रील बनाने पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।

प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीवों के शौकीनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश का मशहूर दुधवा नेशनल पार्क अपने 50वें पर्यटन सत्र यानी 'गोल्डन जुबली' सीजन के लिए पूरी तरह तैयार है। 1 नवंबर 2026 से पर्यटकों के लिए जंगल के दरवाजे खोल दिए जाएंगे। खास बात यह है कि इस बार सीजन को सामान्य समय (15 नवंबर) से 15 दिन पहले ही शुरू किया गया है, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के लिए 'दिवाली गिफ्ट' बताया है।
इस सीजन में दुधवा टाइगर रिजर्व के साथ-साथ किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य भी पर्यटकों का स्वागत करेंगे। यह पर्यटन सीजन 15 जून 2027 तक चलेगा। डिप्टी डायरेक्टर जगदीश आर ने पुष्टि की है कि रास्तों की मरम्मत से लेकर गाइडों की तैनाती तक की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
सफारी के दौरान मोबाइल और रील पर सख्त पाबंदी
इस बार जंगल की सैर करने वालों को एक कड़े नियम का सामना करना होगा। सुप्रीम कोर्ट के 2025 के निर्देशों का पालन करते हुए, वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास में मानवीय हस्तक्षेप को कम करने के लिए सफारी के दौरान मोबाइल फोन ले जाने और वीडियो रील बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह नियम पर्यटकों, जिप्सी ड्राइवरों और गाइडों, सभी पर समान रूप से लागू होगा।
नियम के मुताबिक, पर्यटक अपने फोन पार्क तक ला सकते हैं, लेकिन सफारी शुरू होने से पहले उन्हें प्रशासन द्वारा दिए गए सुरक्षित लॉकबॉक्स में जमा करना होगा। इन बॉक्स की चाबियां जिप्सी ड्राइवर के पास रहेंगी, जो सफारी खत्म होने के बाद वापस कर दी जाएंगी। यह फैसला 22 अक्टूबर 2026 को वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया था।
पर्यटन शुल्क और समय सारिणी:
- प्रवेश शुल्क: वयस्कों के लिए 250 रुपये और बच्चों के लिए 100 रुपये।
- जिप्सी सफारी: भारतीय नागरिकों के लिए 6,500 रुपये (6 व्यक्ति तक) और विदेशी पर्यटकों के लिए 28,300 रुपये (4 व्यक्ति तक)।
- हाथी सफारी: सामान्य सवारी 2,000 रुपये (4 व्यक्ति) और राइनो संरक्षण क्षेत्र में मॉर्निंग सफारी 6,000 रुपये।
- सफारी समय (1 नवंबर से 31 मार्च): सुबह 6:30 से 9:30 बजे तक और शाम 2:30 से 5:30 बजे तक।
प्रशासन ने इस बार स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने के लिए 'बफर में सफर' योजना की शुरुआत की है और बुकिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित किया है। इसके अलावा, गेंडे के संरक्षण और निगरानी पर आधारित एक 'राइनो आईडी हैंडबुक' और गांव विस्थापन प्रयासों पर एक शॉर्ट फिल्म का ट्रेलर भी जारी किया गया है।