दुधवा नेशनल पार्क 1 नवंबर से खुलेगा, 50वें गोल्डन जुबली सीजन के लिए तैयारियां पूरी
लखीमपुर के दुधवा नेशनल पार्क का 50वां पर्यटन सीजन 1 नवंबर से शुरू हो रहा है। जानें सफारी फीस और नए नियमों के बारे में।

प्रकृति प्रेमियों और वन्यजीवों के शौकीनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा नेशनल पार्क पर्यटन के नए सीजन के लिए 1 नवंबर से अपने दरवाजे खोलने जा रहा है। खास बात यह है कि इस बार यह पार्क अपना 50वां पर्यटन सीजन यानी 'गोल्डन जुबली' मनाने जा रहा है। पर्यटकों के उत्साह को देखते हुए प्रशासन ने पार्क खोलने की तारीख को 15 दिन पहले कर दिया है, ताकि लोग इस खास मौके का आनंद ले सकें।
उप निदेशक जगदीश आर ने जानकारी दी है कि सीजन की शुरुआत को सुगम बनाने के लिए सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं। इसमें गाइड्स की ट्रेनिंग से लेकर जिप्सी के रजिस्ट्रेशन तक का काम पूरा हो चुका है। पर्यटकों के लिए राहत की बात यह है कि इस बार सफारी, प्रवेश शुल्क या पर्यटन फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है; पुराने रेट ही लागू रहेंगे।
स्थानीय रोजगार को बढ़ावा और नए नियम
इस स्वर्ण जयंती सीजन में प्रशासन ने कुछ नए और आधुनिक कदम उठाए हैं। स्थानीय लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए 'बफर में सफर' नामक एक नई पहल शुरू की जा रही है। साथ ही, पर्यटकों की सुविधा के लिए एक एकीकृत ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल भी तैयार किया जा रहा है, जिससे टिकट बुकिंग की प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।
हालांकि, वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। पार्क के अंदर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम और वन विभाग के नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। पर्यटकों के लिए कुछ जरूरी गाइडलाइंस इस प्रकार हैं:
- पर्यटक केवल निर्धारित रास्तों पर ही चलेंगे।
- पार्क के भीतर शोर मचाना या जानवरों को परेशान करना सख्त मना है।
- फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के लिए तय नियमों का पालन करना होगा।
- वन्यजीवों की शांति भंग करने वाली गतिविधियों, जैसे मोबाइल से रील बनाना या फोटो खींचने के लिए शोर करना, पर पाबंदी रहेगी।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वन्यजीवों के कल्याण के लिए इन नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है, इसलिए पर्यटकों से सहयोग की अपील की गई है।