जालौन में गुलाब जल की आड़ में चल रही ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़, 300 करोड़ का माल बरामद
DRI और UP ATS ने जालौन में गुलाब जल की आड़ में चल रही ड्रग फैक्ट्री को पकड़ा, 1100 किलो ड्रग्स और केमिकल बरामद।

उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। DRI (राजस्व खुफिया निदेशालय) और यूपी एटीएस (UP ATS) ने एक संयुक्त ऑपरेशन चलाकर एक अवैध सिंथेटिक ड्रग फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह फैक्ट्री एयरी रामपुर गांव में गुलाब जल बनाने के नाम पर चलाई जा रही थी, जबकि अंदर धड़ल्ले से नशीले पदार्थों का निर्माण हो रहा था।
अधिकारियों के मुताबिक, इस फैक्ट्री पर करीब तीन दिनों तक कड़ी निगरानी रखी गई, जिसके बाद 29 अक्टूबर की सुबह छापेमारी की गई। इस कार्रवाई के दौरान एजेंसियों ने कुल 1,102.88 किलोग्राम अवैध पदार्थ और केमिकल बरामद किए हैं। इसमें 15.44 किलोग्राम तैयार मेफेड्रोन (MD ड्रग), लगभग 184 किलोग्राम अर्ध-निर्मित नशीले पदार्थ और 582.2 किलोग्राम से ज्यादा प्रीकर्सर केमिकल शामिल हैं। जब्त किए गए इस सामान की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 200 से 300 करोड़ रुपये के बीच बताई जा रही है।
जेल में बनी थी मास्टरमाइंड की जोड़ी
इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें 37 वर्षीय संतोष कुमार, जो महाराष्ट्र के सांगली का रहने वाला है और पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज करा चुका है, इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। दूसरा आरोपी 27 वर्षीय हेमेंद्र कुशवाहा जालौन के उरई का निवासी है। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि इन दोनों की मुलाकात मुंबई की आर्थर रोड जेल में हुई थी, जहां दोनों एक साथ बंद थे।
एटीएस और डीआरआई ने मौके से ड्रग्स बनाने वाली आधुनिक मशीनें और उपकरण भी जब्त किए हैं। एडिशनल पुलिस अधीक्षक डॉ. ईशान सोनी ने पुष्टि की है कि ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स बरामद की गई हैं। फिलहाल, बरामद सभी सामान को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है। एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि यह फैक्ट्री कब से चल रही थी और यहां से नशीले पदार्थों की सप्लाई कहां-कहां की जा रही थी। यह पूरी कार्रवाई 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत नशे के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।