अयोध्या: अवध यूनिवर्सिटी में डॉ. राम मनोहर लोहिया के आर्थिक और सामाजिक विचारों पर मंथन

अयोध्या स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी में महान समाजवादी विचारक और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि के अवसर पर एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। 'डॉ. लोहिया के आर्थिक-सामाजिक विचार' विषय पर आधारित यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी के श्री राम शोध पीठ ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ, जिसमें उनके जीवन दर्शन और आधुनिक समय में उनकी प्रासंगिकता पर गहराई से चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने डॉ. लोहिया को केवल एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी अर्थशास्त्री और दार्शनिक के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि डॉ. लोहिया द्वारा दिए गए 'सप्तक्रांति' (सात क्रांतियां) और 'चौखंभा राज' (चार स्तंभों वाला शासन) के सिद्धांत आज भी नीति निर्माताओं के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकते हैं।
विकसित भारत के लिए सामाजिक समानता जरूरी: कुलपति
कुलपति डॉ. बिजेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में आर्थिक विकेंद्रीकरण और समान विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जब तक समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति, किसान और मजदूरों को आर्थिक नीतियों के केंद्र में नहीं रखा जाएगा, तब तक व्यापक विकास की कल्पना करना असंभव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सामाजिक असमानताओं को मिटाए बिना 'विकसित भारत' के लक्ष्य को हासिल नहीं किया जा सकता।
सेमिनार की शुरुआत से पहले कुलपति और विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों ने कैंपस में स्थित डॉ. लोहिया, सरदार पटेल, महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानंद की प्रतिमाओं पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।