अमेठी विधानसभा सीट के लिए डॉ. अरविंद चतुर्वेदी की दावेदारी तेज, असल परगना में उठी मांग

अमेठी विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों एक नई चर्चा जोरों पर है। आगामी चुनावों को देखते हुए अब इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि क्षेत्र के 'असल परगना' हिस्से को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिले। इसी बीच, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. अरविंद चतुर्वेदी का नाम इस सीट के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया है। स्थानीय लोगों और समर्थकों के बीच यह मांग बढ़ रही है कि इस बार उम्मीदवार असल परगना क्षेत्र से होना चाहिए।
दरअसल, अमेठी विधानसभा सीट का इतिहास देखा जाए तो यहां ज्यादातर प्रतिनिधि अमेठी परगना से ही चुने जाते रहे हैं। इसके उलट, असल परगना से अब तक केवल हरिचरण यादव ही तीन बार विधायक चुने गए हैं। भौगोलिक दृष्टि से देखें तो अमेठी परगना में पूरा अमेठी ब्लॉक, संग्रामपुर ब्लॉक का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा और भेतुआ के कई गांव आते हैं। वहीं, असल परगना में पूरा भादर ब्लॉक और संग्रामपुर व भेतुआ के शेष हिस्से शामिल हैं। इसी क्षेत्रीय असंतुलन के कारण अब लोग असल परगना से प्रतिनिधित्व की मांग कर रहे हैं।
मैदान में सक्रियता और पार्टी निष्ठा
डॉ. अरविंद चतुर्वेदी को क्षेत्र में एक शिक्षित और सामाजिक व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता है। वे आचार्य विनोबा भावे डिग्री कॉलेज में लंबे समय से कार्यरत हैं और आर्य समाज की गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रहते हैं। राजनीतिक रूप से उन्हें सांसद किशोरी लाल शर्मा का करीबी माना जाता है और जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप सिंघल के साथ उनका बेहतर तालमेल है। उनके समर्थक बताते हैं कि डॉ. चतुर्वेदी लगातार जमीन पर सक्रिय रहे हैं और स्थानीय सामाजिक मुद्दों को उठाने में आगे रहते हैं, यही वजह है कि उनका नाम चर्चा में है। अपनी उम्मीदवारी पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि वे कांग्रेस पार्टी के अनुशासित सिपाही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की उम्मीदों के अनुरूप टिकट की मांग जरूर है, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व का ही होगा। उनके मुताबिक, असल परगना सहित पूरी अमेठी विधानसभा का विकास ही कांग्रेस की प्राथमिकता है।
अब सबकी नजरें कांग्रेस पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर टिकी हैं कि क्या वह क्षेत्रीय समीकरणों और असल परगना की मांग को देखते हुए डॉ. अरविंद चतुर्वेदी के नाम पर मुहर लगाता है या नहीं।