पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने राजनीति में मारी एंट्री, मिर्जापुर में लॉन्च की 'जननीति भारत' पार्टी

प्रशासनिक सेवाओं को अलविदा कहने के बाद पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने अब आधिकारिक तौर पर राजनीति के मैदान में कदम रख दिया है। मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में अपनी प्रशासनिक पकड़ रखने वाली दिव्या मित्तल ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी 'जननीति भारत' के गठन की घोषणा की है। उन्होंने साफ कर दिया है कि वह आने वाले चुनावों में मिर्जापुर सदर विधानसभा सीट से अपनी किस्मत आजमाएंगी।
दिव्या मित्तल के राजनीतिक भविष्य को लेकर पिछले कुछ समय से काफी चर्चाएं थीं। हाल ही में विंध्याचल में मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी के बाद यह अफवाहें तेज हो गई थीं कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो सकती हैं। हालांकि, अपनी नई पार्टी का ऐलान कर उन्होंने इन तमाम अटकलों पर पूरी तरह विराम लगा दिया है।
शिक्षा और शासन व्यवस्था पर उठाए सवाल
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में दिव्या मित्तल ने लहुरीआदह गांव में एक स्कूल के निर्माण से जुड़े विवाद का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि स्कूल का काम शुरू तो हुआ था, लेकिन महज दो दिनों बाद वन विभाग ने उसे रुकवा दिया। इस मुद्दे पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि वन क्षेत्रों में औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को तो 80 दिनों में मंजूरी मिल जाती है, लेकिन स्कूल जैसे जरूरी प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिलने में 80 साल लग सकते हैं।
गंगा किनारे से अपनी बात रखते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान शासन व्यवस्था में आम जनता की सुनवाई की भारी कमी है, जिसे दूर करने के लिए उन्होंने 'जननीति भारत' की शुरुआत की है। इस दौरान उन्होंने पार्टी के लिए तीन मुख्य संकल्प भी साझा किए।
अपनी चुनावी रणनीति के बारे में बात करते हुए दिव्या मित्तल ने ईमानदारी से स्वीकार किया कि उनके पास बड़े विज्ञापनों या पोस्टरों के लिए भारी फंड नहीं है। इसलिए, वह सीधे जनता के बीच जाकर घर-घर संपर्क करने की योजना बना रही हैं और लोगों से उनके समर्थन की अपील की है।