लखनऊ में दिव्य दीपावली मेला 2026 का आयोजन, दिव्यांगों ने दिखाया अपना हुनर
लखनऊ में दिव्य दीपावली मेला 2026 का आयोजन किया गया, जहां दिव्यांग कलाकारों ने अपने हुनर से सबको चौंकाया और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए दिव्य दीपावली मेला 2026 का शानदार आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप, सरकार अब दिव्यांगों को केवल सहानुभूति का पात्र मानने के बजाय उन्हें समान अवसर और गरिमा प्रदान करने पर जोर दे रही है। इसी उद्देश्य के साथ 5 और 6 नवंबर को जवाहर भवन-इंदिरा भवन परिसर में इस दो दिवसीय मेले का आयोजन हुआ, जिसमें दिव्यांग कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
इस राज्य स्तरीय मेले का उद्घाटन दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के प्रमुख सचिव राजेश कुमार सिंह ने रिबन काटकर किया। सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक चले इस आयोजन में विभाग के 9 संस्थानों और 16 स्वैच्छिक संगठनों ने हिस्सा लिया। मेले का मुख्य आकर्षण दिव्यांग उद्यमियों और शिल्पकारों द्वारा बनाए गए हस्तशिल्प उत्पाद और दीपावली के विशेष सजावटी सामान रहे।
सहानुभूति नहीं, स्वावलंबन पर जोर
इस आयोजन का सबसे बड़ा मकसद दिव्यांगजनों को एक ऐसा मंच देना था, जहां वे अपने बनाए उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकें। सरकार चाहती है कि दिव्यांग व्यक्ति केवल सरकारी योजनाओं के लाभार्थी बनकर न रहें, बल्कि एक सफल उद्यमी के रूप में अपनी पहचान बनाएं।
इस पहल को केवल राजधानी तक सीमित न रखते हुए, राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश के सभी प्रशासनिक मंडलों में इसी तरह के दीपावली मेलों के आयोजन के निर्देश दिए हैं। इस कार्य को गति देने के लिए बजट का प्रावधान भी किया गया है, जिसमें लखनऊ मंडल को 7 लाख रुपये और अन्य सभी मंडलों को 3-3 लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया है, ताकि प्रदेश के हर कोने से दिव्यांग कलाकार अपनी प्रतिभा दिखा सकें।