प्रयागराज: सीएम ग्रिड प्रोजेक्ट की सुस्त रफ्तार पर भड़के कमिश्नर, इंजीनियरों को लगाई फटकार

प्रयागराज के मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम ने शहर में चल रहे सीएम ग्रिड प्रोजेक्ट प्रयागराज के निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया। शनिवार को क्लाइव रोड पर पहुंचे कमिश्नर ने जब काम की जमीनी हकीकत देखी, तो वह बेहद नाराज नजर आए। उन्होंने पाया कि सड़क और फुटपाथ की फिनिशिंग, सिल्ट की सफाई और टाइल्स की मरम्मत जैसे जरूरी कामों में भारी लापरवाही बरती गई है।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ नगर आयुक्त साई तेजा और संबंधित इंजीनियर मौजूद थे। डॉ. लोकेश एम ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि पिछले निर्देशों के बावजूद काम में कोई सुधार नहीं दिखा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि काम की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और तय समय सीमा के भीतर प्रोजेक्ट को पूरा करना होगा।
इंजीनियरों की ट्रेनिंग और ग्लो गार्डन की तैयारी
काम की गुणवत्ता सुधारने और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए कमिश्नर ने एक बड़ा फैसला लिया। उन्होंने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि अन्य जिलों से विशेषज्ञों को बुलाया जाए, ताकि स्थानीय स्टाफ को जरूरी ट्रेनिंग दी जा सके। विशेषज्ञों की देखरेख में ही अब आगे का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।
इसके अलावा, मंडलायुक्त ने पी.डी. टंडन पार्क में प्रस्तावित 'ग्लो गार्डन' प्रोजेक्ट की भी समीक्षा की। विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ऋषि राज ने इस प्रोजेक्ट का लेआउट पेश किया, जिसमें पांच थीम-आधारित जोन बनाने की योजना है। इस गार्डन की खास बातें कुछ इस तरह होंगी:
- रोशन घास और बच्चों के लिए वॉटर गेम्स।
- बांस की थीम पर आधारित पांडा की प्रतिकृतियां।
- रोशनी से चमकने वाली वन्यजीव आकृतियां।
- सेंट्रल फाउंटेन को रंगीन रोशनी से लैस करना।
डॉ. लोकेश एम ने इस प्रोजेक्ट के लिए तुरंत विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि गार्डन ऐसा होना चाहिए जो परिवारों के लिए सुरक्षित, आकर्षक और सुविधाजनक हो। साथ ही, पार्क की बाहरी सीमा पर थीम-आधारित दुकानों के निर्माण की योजना बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि शहर की खूबसूरती और उपयोगिता दोनों बढ़ सके।