राज्यसभा टिकट न मिलने से नाराज पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने छोड़ी भाजपा

बरेली के औनला से दो बार सांसद रहे धर्मेंद्र कश्यप ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से अपना नाता तोड़ लिया है। पार्टी द्वारा राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी करने के बाद यह बड़ा फैसला लिया गया, जिसमें कश्यप का नाम शामिल नहीं था। इस फैसले से गहरे असंतोष में डूबे कश्यप ने औपचारिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा कर दी है।
धर्मेंद्र कश्यप की नाराजगी केवल इस्तीफे तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने इसे सोशल मीडिया पर भी जाहिर किया। उन्होंने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा करते हुए पार्टी को "टाटा बाय-बाय" कह दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी हटा दी, जो पार्टी के साथ उनके टूटते रिश्तों का साफ संकेत है।
पार्टी के भीतर उपेक्षा का लगाया आरोप
अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए कश्यप ने कहा कि पार्टी के भीतर उन लोगों को बढ़ावा दिया जा रहा है जिन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान उनके खिलाफ काम किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं और उनके जैसे नेताओं की अनदेखी की जा रही है और उन्हें उचित सम्मान नहीं मिल रहा है।
अब सबकी नजरें कश्यप के अगले कदम पर टिकी हैं। चर्चाएं तेज हैं कि वे समाजवादी पार्टी का दामन थाम सकते हैं। कुछ समर्थकों ने तो उन्हें "PDA" गठबंधन में पहले ही স্বাগত देना शुरू कर दिया है। स्थानीय स्तर पर यह भी खबर है कि हाल ही में उनकी मुलाकात सपा प्रमुख अखिलेश यादव से हुई है। हालांकि, कश्यप का कहना है कि वे अपने समर्थकों और क्षेत्रीय प्रभावशाली लोगों से सलाह लेने के बाद ही अपने भविष्य का फैसला करेंगे।