भाजपा को बड़ा झटका: पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप सैकड़ों समर्थकों के साथ सपा में शामिल होने लखनऊ रवाना
पूर्व भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल होने लखनऊ पहुंचे। जानें क्यों छोड़ा भाजपा का साथ।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पूर्व भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने भारतीय जनता पार्टी से नाता तोड़ते हुए समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है। 27 अक्टूबर 2026 को कश्यप सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ बरेली से लखनऊ के लिए रवाना हुए, जहां वे आधिकारिक तौर पर सपा में शामिल होंगे। भाजपा के भीतर लंबे समय से उपजी नाराजगी के बाद उन्होंने यह बड़ा फैसला लिया है।
धर्मेंद्र कश्यप की भाजपा से नाराजगी अब सार्वजनिक हो चुकी है। उन्होंने पार्टी छोड़ने के पीछे 'दम घुटने' जैसी भावना, अपेक्षित सम्मान न मिलना और राज्यसभा टिकट न दिए जाने जैसे कारणों का जिक्र किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर 'टाटा बाय-बाय' लिखकर पहले ही अपने जाने के संकेत दे दिए थे।
बेटी की उम्मीदवारी और रोहिलखंड में सपा की मजबूती
कश्यप का यह कदम केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि रणनीतिक भी माना जा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे अपनी बेटी कीर्ति कश्यप के लिए बिथरी चैनपुर विधानसभा सीट से सपा का टिकट चाहते हैं। इससे पहले 11 अक्टूबर को उन्होंने अपनी बेटी के साथ लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की थी। उस समय अखिलेश यादव ने इसे एक मैत्रीपूर्ण मुलाकात बताया था और 'पीडीए' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) आंदोलन को मजबूत करने पर चर्चा की थी।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि धर्मेंद्र कश्यप के आने से रोहिलखंड क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की पकड़ मजबूत होगी, खासकर कश्यप समुदाय के मतदाताओं के बीच। उनके इस औपचारिक प्रवेश में सपा बरेली जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव, पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव और पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं। कश्यप के फेसबुक पेज पर लाइव प्रसारित वीडियो में उनके समर्थकों का भारी उत्साह देखा गया, जो उनके साथ लखनऊ की ओर बढ़ रहे थे।