भाजपा को झटका: पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप 27 अक्टूबर को होंगे सपा में शामिल
पूर्व भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप अपने समर्थकों के साथ अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी में शामिल होंगे। जानें क्या है पूरी वजह।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर होने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र कश्यप अब समाजवादी पार्टी का दामन थामने की तैयारी में हैं। खबर है कि 27 अक्टूबर को वह सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में आधिकारिक तौर पर पार्टी में शामिल होंगे। इस सियासी बदलाव के दौरान कश्यप अकेले नहीं, बल्कि अपने हजारों समर्थकों के साथ साइकिल वाले दल में प्रवेश करेंगे। सपा के जिला अध्यक्ष शुभलेश यादव ने इस कार्यक्रम की पुष्टि की है।
धर्मेंद्र कश्यप के इस फैसले के पीछे उनकी गहरी नाराजगी बताई जा रही है। 2024 के लोकसभा चुनावों में हार के बाद से ही वह भाजपा के भीतर खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे थे। उन्होंने खुले तौर पर अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि वह पार्टी के अंदर 'दम घुटने' जैसा महसूस कर रहे थे। कश्यप का सबसे बड़ा गुस्सा उन पार्टी सदस्यों पर था, जिन्होंने चुनाव के दौरान उनके खिलाफ अंदरूनी साजिशें रचीं और कैंपेन किया, लेकिन पार्टी नेतृत्व ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की।
बेटी की उम्मीदवारी और PDA का समीकरण
इस राजनीतिक फेरबदल के पीछे केवल नाराजगी नहीं, बल्कि भविष्य की रणनीति भी जुड़ी है। चर्चा है कि इस समझौते में उनकी बेटी की उम्मीदवारी एक अहम शर्त है। माना जा रहा है कि कीर्ति कश्यप को बिठारी चैनपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का टिकट दिया जाएगा। हालांकि अभी आधिकारिक घोषणा बाकी है, लेकिन शुभलेश यादव के संकेतों से साफ है कि उनकी उम्मीदवारी लगभग तय है।
इससे पहले अखिलेश यादव और धर्मेंद्र कश्यप के बीच एक मुलाकात भी हुई थी। अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस मुलाकात को एक 'मैत्रीपूर्ण भेंट' बताया था। उन्होंने संकेत दिया था कि यह कदम उनके 'PDA' (पिछड़े, दलित, अल्पसंख्यक) आंदोलन को और अधिक मजबूती देने के लिए उठाया जा रहा है। कश्यप ने सोशल मीडिया पर एक विदाई संदेश पोस्ट कर पहले ही संकेत दे दिया था कि उनका भाजपा से नाता टूट चुका है।