धर्मेंद्र काश्यप ने छोड़ी भाजपा, अब सपा के साथ मिलकर 2027 में पलटेंगे बाजी

Shubham Singh13 October 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
धर्मेंद्र काश्यप ने छोड़ी भाजपा, अब सपा के साथ मिलकर 2027 में पलटेंगे बाजी

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आंवला के पूर्व सांसद धर्मेंद्र काश्यप ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से नाता तोड़ते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। यह कदम उन्होंने राज्यसभा टिकट न मिलने से उपजी नाराजगी के बाद उठाया है। धर्मेंद्र काश्यप का यह पाला बदलना रोहिलखंड क्षेत्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।

सपा में शामिल होने के बाद धर्मेंद्र काश्यप पूरी तरह हमलावर नजर आ रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में भाजपा की करारी हार की भविष्यवाणी की है। काश्यप ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी अगली सरकार बनाएगी। उन्होंने विशेष रूप से काश्यप समुदाय से एकजुट होने की अपील की है और कहा कि जिन लोगों ने उनके लोकसभा के रास्ते में बाधाएं डाली थीं, जनता 2027 के चुनाव में उन्हें करारा जवाब देगी।

रोहिलखंड में सपा की बड़ी तैयारी

धर्मेंद्र काश्यप ने अपनी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि वह भाजपा के खिलाफ जोरदार अभियान चलाएंगे। उनका लक्ष्य बरेली मंडल और रोहिलखंड क्षेत्र की 18 सीटों पर समाजवादी पार्टी की जीत सुनिश्चित करना है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव में अपनी बेटी को उम्मीदवार के तौर पर उतारेंगे।

बता दें कि धर्मेंद्र काश्यप 2014 और 2019 में आंवला से सांसद रह चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान उन्हें अंदरूनी विरोध का सामना करना पड़ा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि काश्यप समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ है, जिससे बरेली, आंवला और बदायूं के कई विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। हालांकि, इस बदलाव का भाजपा पर कितना असर होगा, यह तो आने वाले समय और चुनाव नतीजों से ही साफ होगा।

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