धर्मेंद्र कश्यप ने छोड़ी भाजपा, लखनऊ में अखिलेश यादव से मिलकर थामा सपा का हाथ

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। बरेली के कद्दावर नेता और पूर्व भाजपा सांसद धर्मेंद्र कश्यप ने अब समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। रविवार को लखनऊ के जनेश्वर मिश्रा ट्रस्ट में पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात के बाद उन्होंने आधिकारिक तौर पर सपा की सदस्यता ग्रहण की।
इस मुलाकात के दौरान धर्मेंद्र कश्यप अकेले नहीं थे, उनके साथ उनकी बेटी कीर्ति कश्यप भी मौजूद थीं। इस मौके पर बरेली जिला सपा अध्यक्ष शुभलेश यादव और पार्टी नेता विरपाल सिंह भी उपस्थित रहे। दरअसल, धर्मेंद्र कश्यप ने कुछ समय पहले ही सोशल मीडिया पर "टाटा बाय बाय" लिखकर संकेत दे दिया था कि वह भाजपा से किनारा करने वाले हैं, और अब उन्होंने इसे हकीकत में बदल दिया है।
बेटी कीर्ति कश्यप को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी
धर्मेंद्र कश्यप बरेली के औनला क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। उन्होंने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में भाजपा के टिकट पर औनला सीट से जीत दर्ज की थी। हालांकि, 2024 के चुनाव उनके लिए निराशाजनक रहे, जहां उन्हें समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार नीरज मौर्य से हार का सामना करना पड़ा।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि कश्यप का यह कदम भविष्य की रणनीति का हिस्सा है। बताया जा रहा है कि वह अपनी बेटी कीर्ति कश्यप को आगामी चुनावों में समाजवादी पार्टी के टिकट पर मैदान में उतारने की तैयारी कर रहे हैं। भाजपा के साथ लंबे जुड़ाव के बाद उनका यह पाला बदलना क्षेत्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।