दिल्ली से हरिद्वार का सफर अब सिर्फ 2 घंटे में, दिवाली से पहले यात्रियों को मिलेगी बड़ी सौगात

दिवाली के त्योहार से पहले दिल्ली और हरिद्वार के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अब यात्रियों को इस सफर में घंटों ट्रैफिक और जाम में नहीं फंसना पड़ेगा, क्योंकि दिल्ली से हरिद्वार यात्रा समय अब घटकर मात्र दो घंटे रह जाने की उम्मीद है। यह बदलाव नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा किए गए बुनियादी ढांचे के सुधारों और नए बाईपास के जुड़ाव के कारण संभव हो पाया है।
इस सुविधा का मुख्य आधार दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर है। सहारनपुर के हलगोइया सेक्शन के जरिए सहारनपुर-हरिद्वार बाईपास को इस कॉरिडोर से जोड़ दिया गया है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब यात्रियों को मेरठ जैसे बेहद भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे समय की भारी बचत होगी।
एक्सप्रेसवे की खासियतें और रूट की जानकारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अप्रैल 2026 को उद्घाटन किया गया यह छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे कुल 210-213 किलोमीटर लंबा है। यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों से होकर गुजरता है, जिनमें शामिल हैं:
- बागपत
- बड़ौत
- मुजफ्फरनगर
- शामली
- सहारनपुर
हरिद्वार जाने वाले ट्रैफिक के लिए हलगोइया के पास 108वें किलोमीटर का मील का पत्थर एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रहा है। इसके अलावा, सहारनपुर को हरिद्वार से जोड़ने वाला 51 किलोमीटर लंबा छह लेन का बाईपास और हरिद्वार के लिए एक अलग चार लेन का ग्रीनफील्ड बाईपास भी तैयार किया गया है। इन रास्तों का उद्देश्य न केवल आम यात्रियों को सुविधा देना है, बल्कि कांवड़ यात्रा और कुंभ मेले जैसे बड़े आयोजनों के दौरान होने वाली भारी भीड़ और जाम को नियंत्रित करना भी है।
हालांकि, इस आधुनिक रूट पर कुछ चुनौतियां भी देखी गई हैं। हलगोइया एग्जिट के पास कुछ ड्राइवरों द्वारा एक्सप्रेसवे पर गाड़ी रिवर्स करने जैसी लापरवाही और कुछ बॉटलनेक पॉइंट्स पर ट्रैफिक मैनेजमेंट की समस्या सामने आई है, जिस पर प्रशासन की नजर है। फिर भी, दिवाली से पहले इस रूट के पूरी तरह प्रभावी होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा।