नोएडा में रोमांचक मुकाबला: दिल्ली डायनामाइट्स ने एम्पेरिया मराठास को हराकर जीता वॉलीबॉल चैंपियंस लीग खिताब
नोएडा में खेले गए रोमांचक फाइनल में दिल्ली डायनामाइट्स ने एम्पेरिया मराठास को हराकर वॉलीबॉल चैंपियंस लीग का खिताब और 2 करोड़ रुपये जीते।

नोएडा के इंडोर स्टेडियम में खेले गए एक बेहद रोमांचक मुकाबले में दिल्ली डायनामाइट्स ने शानदार वापसी करते हुए वॉलीबॉल चैंपियंस लीग (VCL) का खिताब अपने नाम कर लिया है। शुक्रवार को हुए इस फाइनल मैच में दिल्ली डायनामाइट्स ने एम्पेरिया मराठास को 3-1 से मात दी। इस बड़ी जीत के साथ ही दिल्ली की टीम ने न केवल चैंपियनशिप ट्रॉफी उठाई, बल्कि 2 करोड़ रुपये की विजेता राशि पर भी कब्जा जमाया। वहीं, उपविजेता रही एम्पेरिया मराठास को 1 करोड़ रुपये का पुरस्कार मिला।
मैच की शुरुआत दिल्ली के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रही। एम्पेरिया मराठास ने पहले सेट में जबरदस्त दबदबा बनाया और 25-22 से जीत दर्ज कर दिल्ली डायनामाइट्स को दबाव में डाल दिया। लेकिन दिल्ली की टीम ने हार नहीं मानी और खेल के स्तर को बढ़ाते हुए जबरदस्त पलटवार किया। दूसरे सेट में दिल्ली ने अपनी लय पकड़ी और इसे 25-19 से जीतकर मुकाबला बराबरी पर ला खड़ा किया।
तीसरे सेट ने पलटा मैच का पासा
मैच का असली मोड़ तीसरा सेट साबित हुआ, जहां दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। हर एक पॉइंट के लिए खिलाड़ियों ने कड़ी मशक्कत की और स्कोर काफी करीब रहा। बेहद तनावपूर्ण माहौल में दिल्ली डायनामाइट्स ने अपने संयम को बनाए रखा और इस सेट को 31-29 से जीतकर बढ़त बना ली। इस जीत ने दिल्ली के खिलाड़ियों में नया आत्मविश्वास भर दिया, जिसका असर चौथे सेट में साफ दिखा। दिल्ली ने पूरी तरह से मैच पर नियंत्रण रखा और चौथे सेट को 25-19 से जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया।
दिल्ली की इस ऐतिहासिक जीत में शुभम चौधरी की भूमिका सबसे अहम रही, जिन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए शुभम ने कहा, "वॉलीबॉल चैंपियंस लीग का खिताब जीतना पूरी टीम के लिए एक खास अहसास है। पहला सेट हारने के बाद भी हम एकजुट रहे और अपनी तैयारी पर भरोसा रखा। तीसरा सेट हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण था, जहां आपसी विश्वास ने हमें मैच पलटने में मदद की।"
इस फाइनल मुकाबले में एस. शिवराजन को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'इम्पैक्ट प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया। दिल्ली डायनामाइट्स ने पूरे टूर्नामेंट में जिस तरह का लचीलापन और टीम वर्क दिखाया, उसने उन्हें इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी का हकदार बनाया।