रामपुर: दलित नेता ने विधायक शफीक अहमद अंसारी को दिया 72 घंटे का अल्टीमेटम

उत्तर प्रदेश के रामपुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। यहाँ एक दलित नेता ने अपना दल (एस) के विधायक शफीक अहमद अंसारी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दलित नेता ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनसे समुदाय से औपचारिक माफी मांगने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, जिसके बाद बड़े विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी गई है।
सियासी पाला बदलने और विवादों का पुराना नाता
शफीक अहमद अंसारी का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। एक समय था जब उन्हें समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान का बेहद करीबी माना जाता था। लेकिन जब प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार आई और राजनीतिक समीकरण बदले, तो अंसारी ने अपनी राह अलग कर ली। आजम खान की कानूनी मुश्किलें बढ़ते ही अंसारी ने उनसे दूरी बना ली थी।
साल 2022 में जब स्थानीय अदालत के फैसले के बाद अब्दुल्ला आजम की सुआर-तंडा विधानसभा सीट से सदस्यता रद्द हुई, तब शफीक अहमद अंसारी ने मौके का फायदा उठाया। उन्होंने अंतिम समय में भाजपा सहयोगी दल 'अपना दल (एस)' का दामन थाम लिया और उपचुनाव लड़कर जीत हासिल की। उनकी यह जीत आज भी स्थानीय राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी रहती है। अब इस बीच दलित समुदाय के नेता द्वारा दिए गए अल्टीमेटम ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।