चक्रवात अरनब का यूपी में कहर: 43 जिलों में येलो अलर्ट, गोरखपुर में हाई अलर्ट पर प्रशासन

चक्रवात अरनब के कारण उत्तर प्रदेश के 43 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। गोरखपुर सहित कई शहरों में भारी बारिश और तूफान का खतरा है।

Sushant Singh30 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
चक्रवात अरनब का यूपी में कहर: 43 जिलों में येलो अलर्ट, गोरखपुर में हाई अलर्ट पर प्रशासन

उत्तर प्रदेश में चक्रवात अरनब ने दस्तक दे दी है, जिसके कारण राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया है। इस चक्रवात का सबसे ज्यादा असर गोरखपुर में देखने को मिल रहा है, जहां 29 अक्टूबर की रात से ही मौसम बिगड़ा हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 43 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जबकि छह अन्य जिलों में भीषण बारिश और गरज-चमक के साथ तूफान आने की आशंका जताई गई है।

लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, तराई के छह जिलों में अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यह खराब मौसम 31 अक्टूबर तक जारी रह सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के 13 जिलों में भारी बारिश और पश्चिमी क्षेत्र के नौ जिलों में ओलावृष्टि की संभावना है। साथ ही, करीब 50 जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली कड़कने का अनुमान है।

प्रशासनिक तैयारी और किसानों के लिए चेतावनी

गोरखपुर में आपदा से निपटने के लिए नगर निगम और जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। नगर आयुक्त अजय जैन ने बताया कि नगर निगम 24 घंटे अलर्ट मोड पर है और सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मेयर मंगलेश श्रीवास्तव और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण लगातार समन्वय कर रहे हैं, जबकि अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) जय प्रकाश प्रशासनिक तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। लखनऊ, वाराणसी, अयोध्या और मेरठ जैसे शहरों में भी चक्रवात का प्रभाव साफ देखा जा रहा है।

इस बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कृषि विभाग ने चेतावनी जारी की है कि इस मौसम से सरसों, आलू और धान की खड़ी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। किसानों को सोशल मीडिया के माध्यम से सलाह दी गई है कि वे पकी हुई फसलों की कटाई जल्द से जल्द करें और अनाज को सुरक्षित व ढके हुए स्थानों पर रखें।

राहत आयुक्त कार्यालय के साथ-साथ पुलिस, स्वास्थ्य, राजस्व और सिंचाई विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि बाढ़ या बुनियादी ढांचे को होने वाले किसी भी नुकसान से तुरंत निपटा जा सके। स्थिति पर नजर रखने के लिए कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं।

Share:

Comments

Leave a comment