चक्रवात अर्नब का खतरा: सीएम योगी ने यूपी प्रशासन को किया अलर्ट, भारी बारिश की चेतावनी
चक्रवात अर्नब के कारण यूपी में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी। सीएम योगी ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने और राहत कार्य तैयार रखने के निर्देश दिए।
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बिगड़ने वाला है। आंध्र प्रदेश और यनम तट से टकराने के बाद चक्रवात अर्नब अब एक गहरे अवसाद (deep depression) में बदल चुका है और उत्तर की ओर बढ़ रहा है। इस खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के सभी अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है, जिसमें 31 अक्टूबर तक भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ तूफान आने की संभावना जताई गई है।
राहत और बचाव कार्यों के लिए प्रशासन मुस्तैद
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिला प्रशासनों, विशेष रूप से प्रयागराज और अन्य प्रभावित क्षेत्रों को निर्देश दिए हैं कि राहत और बचाव कार्यों के लिए पूरी तैयारी रखी जाए। राज्य भर में आपदा नियंत्रण कक्षों (डिजास्टर कंट्रोल रूम) को 24 घंटे चालू रखने को कहा गया है। अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखें और पशुधन व फसलों को बचाने के पुख्ता इंतजाम करें। साथ ही, जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। जलभराव की समस्या से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीमों को तैनात किया गया है और कई जिलों में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के 25 जिलों में इस मौसम का गंभीर असर देखने को मिलेगा, खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में। 29 अक्टूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी और गाजीपुर जैसे इलाकों में भारी बारिश की उम्मीद है। इसके बाद 30 अक्टूबर को यह असर कुशीनगर से लेकर बहराइच तक नेपाल सीमा से सटे जिलों में शिफ्ट होगा।
तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे तूफान के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें। बिजली गिरने की चेतावनी के लिए 'दामिनी ऐप' का उपयोग करने की सलाह दी गई है। सरकार ने यह भरोसा दिलाया है कि इस खराब मौसम के कारण जान-माल या फसलों के किसी भी नुकसान की स्थिति में तुरंत राहत प्रदान की जाएगी।