यूपी में चक्रवात अर्नब का अलर्ट: 31 अक्टूबर तक भारी बारिश और तूफान की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में चक्रवात अर्नब के कारण भारी बारिश और तूफान की चेतावनी जारी। प्रशासन ने किसानों और आम जनता के लिए जारी किए जरूरी दिशा-निर्देश।

Sushant Singh28 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
यूपी में चक्रवात अर्नब का अलर्ट: 31 अक्टूबर तक भारी बारिश और तूफान की चेतावनी

उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। राज्य प्रशासन ने चक्रवात अर्नब के संभावित प्रभाव को देखते हुए पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच राज्य के विभिन्न हिस्सों में बेमौसम बारिश, गरज-चमक के साथ तूफान और तेज हवाएं चलने की पूरी संभावना है। इस चक्रवात के कारण तापमान में भी भारी गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड का अहसास बढ़ेगा।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान तापमान में करीब आठ डिग्री सेल्सियस तक की कमी देखी जा सकती है, वहीं हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस स्थिति से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय ने आम जनता और विशेष रूप से खेती-किसानी से जुड़े लोगों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

सावधान रहें किसान और आम नागरिक: प्रशासन की सलाह

बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने लोगों और किसानों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, ताकि जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके:

  • सुरक्षित आश्रय: तूफान के दौरान लोग पक्के और मजबूत मकानों में रहें। पुराने जर्जर भवनों, बिजली के खंभों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
  • यात्रा से बचें: खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा न करें और खुले खेतों या जलाशयों के पास जाने से बचें, क्योंकि बिजली गिरने का खतरा रहता है।
  • फसलों की सुरक्षा: किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी खड़ी फसलों और कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थानों पर ले जाएं या उन्हें तिरपाल आदि से ढक दें ताकि बारिश से नुकसान न हो।
  • पशुओं का ख्याल: पशुपालकों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने जानवरों को खुले में न बांधें और उन्हें सुरक्षित शेड में रखें।

प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे मौसम की सटीक जानकारी के लिए आधिकारिक बुलेटिन और 'सचेत' (Sachet) मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करें। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस प्राकृतिक आपदा के दौरान जनहानि और कृषि संपत्ति के नुकसान को न्यूनतम करना है।

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