लखनऊ: डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के आवास पर संविदा ANM नर्सों का जोरदार प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी संविदा और आउटसोर्सिंग महिला एएनएम (ANM) नर्सों का गुस्सा फूट पड़ा है। अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रही इन नर्सों ने शनिवार को डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के राजभवन कॉलोनी स्थित आवास के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पिछले छह दिनों से लगातार जारी है, जिसमें नर्सें अपने भविष्य और नियमितीकरण की मांग कर रही हैं।
प्रदर्शन के दौरान माहौल तब तनावपूर्ण हो गया जब बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी डिप्टी सीएम के घर के बाहर जमा हो गईं। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाकर इको गार्डन स्थित विरोध स्थल पर भेज दिया। गौरतलब है कि इनमें से कुछ नर्सें 9 अक्टूबर से ही इको गार्डन में भूख हड़ताल पर बैठी हैं।
वेतन विसंगति और नियमितीकरण की मांग
प्रदर्शनकारी नर्सों का सबसे बड़ा आरोप वेतन में भारी भेदभाव का है। उनका कहना है कि जहां एक स्थायी एएनएम को 50,000 रुपये से अधिक का वेतन मिलता है, वहीं संविदा पर काम कर रही नर्सों को महज 11,500 रुपये महीना दिया जा रहा है। उन्होंने 'समान काम, समान वेतन' की मांग करते हुए सरकार से अपनी सेवाओं को नियमित करने की अपील की है।
नर्सों की अन्य प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- अपने गृह जिले में तैनाती मिलना।
- स्वास्थ्य बीमा और कैशलेस मेडिकल सुविधाओं की उपलब्धता।
- ईपीएफ (EPF) योगदान का नियमितीकरण।
- राज्य कर्मचारी का दर्जा मिलना।
- 45 वर्ष से अधिक आयु वालों के लिए आयु सीमा की बाधा को हटाना।
प्रदर्शनकारियों ने गहरा रोष जताते हुए कहा कि उन्होंने कई बार डिप्टी सीएम को ज्ञापन सौंपे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्री ने कथित तौर पर यह कह दिया कि प्रशासन संविदा एएनएम कैडर को मान्यता नहीं देता है। 'लखनऊ चलो' अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जिलों से आई इन नर्सों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 2027 के विधानसभा चुनावों में मौजूदा सरकार को इसका खामियाजा भुगतना होगा।