विकसित भारत रोजगार योजना में फर्जी हाजिरी का खेल, कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया बड़ा आरोप
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने यूपी के गोरखपुर और संतकबीरनगर में विकसित भारत रोजगार योजना में फर्जी हाजिरी और क्लोन ऐप्स के इस्तेमाल का आरोप लगाया है।

देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए शुरू की गई विकसित भारत रोजगार योजना अब विवादों के घेरे में आ गई है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर इस योजना में बड़े पैमाने पर धांधली करने का गंभीर आरोप लगाया है। रमेश का दावा है कि इस मिशन के तहत गरीब मजदूरों के हक की कमाई को फर्जी तरीके से हड़पा जा रहा है और हाजिरी के सिस्टम में सेंध लगाई गई है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए जयराम रमेश ने खुलासा किया कि नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम (NMMS) को चकमा देने के लिए 'क्लोन एप्लिकेशन' का इस्तेमाल किया जा रहा है। आरोप है कि मौके पर असल समय की फोटो खींचने के बजाय पहले से स्टोर की गई तस्वीरों को अपलोड किया जा रहा है, जिससे कागजों पर तो हाजिरी पूरी दिख रही है, लेकिन जमीन पर काम गायब है।
यूपी के इन जिलों में सामने आया फर्जीवाड़ा
कांग्रेस नेता ने विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और संतकबीरनगर जिलों का जिक्र किया है, जहां इस तरह की अनियमितताएं रिपोर्ट की गई हैं। उन्होंने इस बात पर गहरा क्षोभ जताया कि भगवान राम के नाम पर चलने वाले प्रशासन में इस तरह का अनैतिक काम कैसे हो रहा है। रमेश ने इसे गरीबों के रोजगार अधिकारों के साथ एक बड़ा विश्वासघात करार दिया है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया हो। इससे पहले अक्टूबर 2026 में भी अयोध्या और चंदौली जैसे जिलों में इसी तरह की गड़बड़ियों की शिकायत की गई थी।
बता दें कि 1 जुलाई 2026 से लागू हुई 'विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी VB-G RAM G ने मनरेगा (MGNREGA) की जगह ली है। इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम के रोजगार की गारंटी दी जाती है।
हालांकि, ग्रामीण विकास मंत्रालय ने पहले ही स्पष्ट किया था कि वेतन की चोरी रोकने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन जैसे कई सुरक्षा उपाय किए गए हैं। मंत्रालय का कहना है कि रिपोर्ट की गई घटनाओं की जांच की जा रही है, लेकिन कांग्रेस अब भी इस पूरे सिस्टम की ईमानदारी पर सवाल उठा रही है।