अपराध पर 'जीरो टॉलरेंस' से बदली यूपी की तस्वीर, सीएम योगी ने बताया सफलता का मंत्र

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में आए बड़े बदलावों का श्रेय सरकार की योगी आदित्यनाथ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को दिया है। लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में 'डबल इंजन' सरकार की सख्त नीतियों ने अपराधियों और अराजक तत्वों के हौसले पस्त कर दिए हैं, जिससे राज्य में कानून का शासन पूरी तरह स्थापित हुआ है।
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले के दौर की याद दिलाते हुए कहा कि उस समय प्रदेश में माफियाओं और दंगाइयों का बोलबाला था, जिसकी वजह से आम जनता और खासकर महिलाएं असुरक्षित महसूस करती थीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि समाज में न्याय, शांति और निडरता तभी आ सकती है जब अत्याचार और आतंक का पूरी तरह सफाया हो। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि अब उत्तर प्रदेश में माफिया राज नहीं, बल्कि संविधान का शासन चलता है।
पुलिस रिस्पांस टाइम में सुधार और महिलाओं की सुरक्षा
सुरक्षा व्यवस्था में आए तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि साल 2016 में पुलिस रिस्पांस टाइम करीब 65 मिनट था, जिसे घटाकर अब मात्र 5 मिनट कर दिया गया है। यह बदलाव आम नागरिकों की सुरक्षा के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने 'मिशन शक्ति', 1090 हेल्पलाइन, महिला बीट पुलिसिंग और सेफ सिटी प्रोजेक्ट जैसे प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के माहौल के कारण ही प्रदेश में महिला श्रम बल की भागीदारी 12% से बढ़कर 36% से अधिक हो गई है। अब महिलाएं रात की शिफ्ट में भी बिना किसी डर के काम कर रही हैं, जिसका सीधा सकारात्मक असर राज्य की जीडीपी (GSDP) और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि के रूप में दिख रहा है।