सीएम योगी का बड़ा एलान: 'नए उत्तर प्रदेश में कोई भी कानून से ऊपर नहीं'

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर राज्य को संबोधित करते हुए एक कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नए उत्तर प्रदेश में कानून का शासन पूरी तरह स्थापित हो चुका है और अब कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून से ऊपर नहीं है। सीएम योगी ने दावा किया कि प्रदेश अब 'दंगों के दौर' से निकलकर 'त्योहारों के राज्य' में तब्दील हो चुका है और माफियाओं के राज का पूरी तरह अंत हो गया है।
माफिया राज का अंत और पुलिस का आधुनिकीकरण
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति की याद दिलाते हुए जवाहर बाग जैसी घटनाओं और उस समय के 'माफिया राज' का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। इसी कड़ी में अब तक गैंगस्टर एक्ट के तहत 88,973 अपराधियों पर कार्रवाई की गई है और करीब 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्तियां जब्त की गई हैं।
पुलिस बल को मजबूत करने पर जोर देते हुए सीएम योगी ने कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए:
- राज्य में 2.26 लाख से अधिक नए पुलिसकर्मियों की भर्ती की गई है।
- पुलिस ट्रेनिंग की क्षमता को दस गुना तक बढ़ाया गया है।
- सात बड़े शहरों में कमिश्नरेट प्रणाली लागू की गई है।
- हर जिले में साइबर पुलिस स्टेशन और हर थाने में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है।
अपराध नियंत्रण के दावों को पुख्ता करने के लिए मुख्यमंत्री ने NCRB 2024 के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश की अपराध दर 180.2 प्रति लाख है, जो कि राष्ट्रीय औसत (252.3) से 28.5% कम है। यह देखते हुए कि देश की कुल आबादी का 17% हिस्सा यूपी में रहता है, फिर भी समग्र अपराधों में राज्य 18वें स्थान पर है।
इसके अलावा, उन्होंने बताया कि हत्या के मामलों में यूपी 29वें, हत्या के प्रयास में 26वें और बलात्कार के मामलों में 24वें स्थान पर है, जबकि डकैती के मामले में राज्य सबसे निचले पायदान पर है। सीएम ने यह भी रेखांकित किया कि 2024 में चार्जशीट दाखिल करने की दर 76.7% रही, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है।