'गरीबों की आवाज बने राम नाथ कोविंद', लखनऊ में सीएम योगी ने पूर्व राष्ट्रपति का किया सम्मान

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का सम्मान किया। यह अवसर पूर्व राष्ट्रपति की आत्मकथा 'ट्रायम्फ ऑफ द इंडियन रिपब्लिक: माय लाइफ, माय स्ट्रगल्स' के विमोचन का था। इस मौके पर सीएम योगी ने राम नाथ कोविंद के साधारण पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुँचने के प्रेरणादायक सफर को याद किया।
मुख्यमंत्री ने कोविंद जी के शुरुआती जीवन पर चर्चा करते हुए बताया कि कानपुर जिले के परौंख गांव में जन्मे राम नाथ कोविंद का जीवन संघर्षों से भरा रहा। उन्होंने कहा कि एक अत्यंत गरीब परिवार में जन्म लेने और कम उम्र में ही मां को खो देने के बावजूद, उन्होंने कभी अपनी परिस्थितियों को कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने गांव के स्कूल से पढ़ाई शुरू की और अपनी मेहनत के दम पर उच्च शिक्षा प्राप्त की। सीएम योगी ने यह भी जिक्र किया कि वे खुद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कई बार परौंख गांव जा चुके हैं।
वकालत से राष्ट्रपति भवन तक का सफर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने पूर्व राष्ट्रपति के सार्वजनिक जीवन की सराहना करते हुए कहा कि एक वकील के तौर पर उन्होंने हमेशा वंचितों और गरीबों की आवाज उठाई। उन्होंने बताया कि कैसे राम नाथ कोविंद ने भारत के राष्ट्रवादी मिशन को अपने जीवन का हिस्सा बनाया। भाजपा सदस्य और पदाधिकारी से लेकर राज्यसभा सांसद और बिहार के राज्यपाल तक का उनका सफर उनकी कर्तव्यनिष्ठा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इन सभी अनुभवों ने उन्हें भारत के सबसे लोकप्रिय राष्ट्रपतियों में से एक बनाया।
गौरतलब है कि राम नाथ कोविंद जुलाई 2017 से जुलाई 2022 तक भारत के 14वें राष्ट्रपति रहे। राष्ट्रपति बनने से पहले वे 2015 से 2017 तक बिहार के राज्यपाल थे। उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वकालत की और 1994 से 2006 तक उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य रहे। राष्ट्रपति पद पर रहते हुए उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सशक्तिकरण और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के कल्याण पर विशेष जोर दिया। राष्ट्रपति पद से मुक्त होने के बाद भी वे सामाजिक कार्यों से जुड़े रहे और उन्होंने 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' जैसी महत्वपूर्ण सरकारी समिति का नेतृत्व भी किया।