सीएम योगी ने महर्षि वाल्मीकि को किया नमन, बिठूर के लिए 411 करोड़ की परियोजनाओं का किया ऐलान
सीएम योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती पर बिठूर का दौरा किया और 411 करोड़ रुपये के 48 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर न केवल राज्यवासियों को शुभकामनाएं दीं, बल्कि कानपुर के बिठूर में विकास की एक नई इबारत भी लिखी। मुख्यमंत्री ने बिठूर स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम का दौरा किया, जो किसी भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया यह पहला दौरा था। इस खास मौके पर सीएम योगी ने बिठूर और बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों के लिए 411 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।
इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से सड़कों का जाल बिछाना, स्कूलों का नवीनीकरण और नए प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना शामिल है, जिससे स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में महर्षि वाल्मीकि को मानवता के लिए प्रेरणास्रोत बताया और कहा कि रामायण के माध्यम से उन्होंने सत्य, धर्म और कर्तव्य की जो शिक्षा दी, वह आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे भेदभाव और असमानता की मानसिक दीवारों को तोड़कर एक सामंजस्यपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान दें।
धार्मिक विरासत और सामाजिक समरसता पर जोर
मुख्यमंत्री ने राजा गुह और भगवान राम की मित्रता का उदाहरण देते हुए सामाजिक एकजुटता और आपसी सम्मान की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक समाज से ऊंच-नीच का भाव खत्म नहीं होगा, तब तक एक आदर्श समाज की कल्पना करना मुश्किल है। राज्य सरकार ने इस जयंती को यादगार बनाने के लिए 26 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है, जो 2017 के बाद फिर से बहाल किया गया है।
राज्य के सभी 75 जिलों में इस अवसर पर भव्य आयोजन किए गए, जिनमें दीपदान और रामायण पाठ जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल थे। संस्कृति विभाग की ओर से प्रत्येक जिले को इन आयोजनों के लिए एक लाख रुपये का बजट आवंटित किया गया था। वहीं, चित्रकूट के लालपुर स्थित तपोस्थली में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए।
पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस दौरान बताया कि सरकार 'रामायण सर्किट' और 'राम वन-गमन पथ' के तहत अयोध्या, चित्रकूट और इटावा जैसे क्षेत्रों में पवित्र स्थलों के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि महर्षि वाल्मीकि की विरासत को संजोया जा सके।