दीपोत्सव की तैयारी: अयोध्या पहुंचे सीएम योगी, 2500 पुलिसकर्मी और 350 CCTV कैमरों से होगी कड़ी निगरानी
दीपोत्सव के लिए अयोध्या में सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे। 2500 पुलिसकर्मी और 350 CCTV कैमरों से होगी निगरानी, 30 लाख दीयों से जगमगाएगी नगरी।

भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या एक बार फिर जगमगाने के लिए तैयार है। 10वें दीपोत्सव के भव्य आयोजन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को अयोध्या पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री ने शहर की 500 साल की विरासत, राम मंदिर आंदोलन और अयोध्या के बदलते स्वरूप को दर्शाने वाली एक विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस समय पूरी अयोध्या उत्सव के माहौल में डूबी है और तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। सरयू घाट पर स्वयंसेवक दीयों में बाती लगाने के काम में जुटे हैं, जहां करीब 30 लाख दीयों से पूरी नगरी को रोशन किया जाएगा।
सुरक्षा का अभेद्य किला बनी अयोध्या
करोड़ों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पूरे शहर को अलग-अलग जोन में बांटा गया है, जिसमें मुख्य क्षेत्र को 18 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। पुलिस अधीक्षक (नगर) चक्रपाणि त्रिपाठी के अनुसार, इन सभी सेक्टरों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात है और ट्रैफिक डायवर्जन की योजना भी तैयार कर ली गई है।
सुरक्षा के लिए केवल स्थानीय पुलिस ही नहीं, बल्कि आरएएफ (RAF), आरआरएफ (RRF), पीएसी (PAC) और सिविल पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं। डीआईजी (अयोध्या रेंज) सोमेन वर्मा ने बताया कि सुरक्षा घेरे में सीआरपीएफ (CRPF), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और आपदा प्रबंधन के लिए एनडीआरएफ (NDRF) व एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें भी शामिल हैं। साथ ही, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की तैनाती की गई है।
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए पूरे शहर में 350 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि को रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम भी स्थापित किया गया है। एडीजी (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार ने भरोसा दिलाया है कि पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है ताकि उत्सव बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
इस बार का दीपोत्सव बेहद खास होने वाला है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संयुक्त रूप से श्री रामलला की आरती करेंगे। उत्सव के दौरान 2,100 ड्रोन्स के जरिए रामायण के प्रसंगों को दिखाया जाएगा और पांच देशों के कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। सरयू महा आरती में 2,147 लोग शामिल होंगे, जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ आम जनता भी हिस्सा लेगी।