चित्रकूट: क्यूआर कोड से पेट्रोल पंपों को ठगने वाले गैंग का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

चित्रकूट पुलिस ने पेट्रोल पंपों को क्यूआर कोड के जरिए ठगने वाले गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जानें कैसे करते थे धोखाधड़ी।

Shubham Singh5 November 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में साइबर ठगों का एक ऐसा गिरोह सक्रिय था जो पेट्रोल पंप संचालकों को डिजिटल पेमेंट के नाम पर चूना लगा रहा था। चित्रकूट साइबर सेल और रैपुरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गैंग के तीन सदस्यों को धर दबोचा है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान प्रयागराज निवासी सिद्धार्थ आदिवासी, प्रियांशु और नितिन प्रताप सिंह के रूप में हुई है, जबकि उनके दो अन्य साथी राज मिश्रा और आलोक शुक्ला अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

ऐसे जाल में फंसाते थे ठग

चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। ठग पेट्रोल पंप पर जाकर कम कीमत का ईंधन भरवाते थे, जैसे कि 650 रुपये का पेट्रोल। इसके बाद वे पंप कर्मचारियों को एक फर्जी डिजिटल ट्रांजैक्शन दिखाते थे, जिसमें राशि बहुत अधिक (जैसे 65,000 रुपये) लिखी होती थी। कर्मचारी जब इस बड़ी रकम को देखकर भ्रमित हो जाते थे, तो आरोपी उन पर दबाव बनाकर या उन्हें गुमराह कर बाकी बची रकम कैश के रूप में ले लेते थे।

ठगी का एक मामला इतना बड़ा था कि आरोपियों ने डीजल भरवाने के नाम पर 2,08,696 रुपये का फर्जी ट्रांजैक्शन दिखाया। इस तरीके से उन्होंने 70,495 रुपये का डीजल लिया और करीब 1,38,200 रुपये नकद ठग लिए। इस बड़ी धोखाधड़ी के कारण संबंधित पेट्रोल पंप का बैंक खाता भी होल्ड पर चला गया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि यह गैंग इसी तरीके से कई अन्य जगहों पर भी ठगी कर चुका है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

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