2027 चुनाव के लिए चंद्रशेखर आजाद का बड़ा दांव, फूलापुर में कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने फूलापुर में 2027 चुनाव के लिए रणनीति साझा की और EVM हटाने की मांग की।

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। 26 अक्टूबर 2026 को प्रयागराज के फूलापुर विधानसभा क्षेत्र के चक अब्दुल करीम उर्फ पूरे भुलाई मैदान में आयोजित बूथ स्तर के कार्यकर्ता सम्मेलन में उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपनी पूरी रणनीति स्पष्ट कर दी। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने डॉ. बी.आर. अंबेडकर, कांशीराम और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यकर्ताओं में जोश भरा।
टिकटों का बंटवारा और गठबंधन पर बड़ा बयान
चंद्रशेखर आजाद ने घोषणा की कि पार्टी ने 87 विधानसभा क्षेत्रों के लिए प्रभारियों के नाम तय कर लिए हैं, जिनमें फूलापुर, करछना और кораओन जैसी सीटें शामिल हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि बाकी उम्मीदवारों के नामों का ऐलान नवंबर के पहले हफ्ते में कर दिया जाएगा। जब गठबंधन को लेकर सवाल उठे, तो आजाद ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक पार्टी की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं होती, तब तक किसी भी चर्चा को अंतिम न माना जाए। साथ ही, उन्होंने विपक्ष के वोटों के बिखराव को रोकने की जरूरत पर भी जोर दिया।
चुनाव प्रक्रिया पर हमला बोलते हुए उन्होंने "बैलेट पेपर लाओ, लोकतंत्र बचाओ, EVM हटाओ" का नारा बुलंद किया और मांग की कि चुनाव में दोबारा कागज के मतपत्रों का इस्तेमाल शुरू किया जाए।
सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा यूपी सरकार संविधान विरोधी है और किसानों, बेरोजगारों व सरकारी कर्मचारियों की समस्याओं को पूरी तरह नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब तक शिक्षा और रोजगार के अवसरों में मौजूद बुनियादी असमानताओं को दूर नहीं किया जाएगा, तब तक गरीबी मिटाना नामुमकिन है।
अपनी आगामी योजनाओं के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि फूलापुर के बाद अब वे लखनऊ के रमाबाई अंबेडकर मैदान में रैली करेंगे। इसके अलावा, 27 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जहां वे अपनी बात जनता के सामने रखेंगे।