जंतर मंतर पर प्रदर्शन रोकने पर भड़के चंद्रशेखर आजाद, कहा- लोकतंत्र में यह चिंताजनक

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शनों पर लगाई जा रही पाबंदियों को लेकर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि जंतर मंतर ऐतिहासिक रूप से जनता की आवाज उठाने और विरोध दर्ज कराने की जगह रही है, लेकिन अब वहां प्रदर्शनों को प्रतिबंधित किया जा रहा है, जो एक लोकतांत्रिक देश के लिए बेहद चिंताजनक है।
चंद्रशेखर आजाद का यह बयान इंडिया गठबंधन के सांसदों द्वारा चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए जा रहे विरोध के बीच आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन के लिए किसी औपचारिक अनुमति की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि यह देश ही ऐसे आंदोलनों की बुनियाद पर खड़ा हुआ है।
चुनाव आयुक्त की नियुक्ति और चुनावी सुधारों की मांग
चुनावी निष्पक्षता पर बात करते हुए आजाद ने कहा कि मुद्दा सिर्फ चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने का नहीं है, बल्कि असली जरूरत चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया में सुधार करने की है। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने वाले 'फॉर्म 6' और अन्य प्रतिबंधात्मक नियमों को पूरी तरह खत्म करने की मांग की।
सांसद ने आगे कहा कि हालांकि उन्हें सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा है, लेकिन वर्तमान हालात जनता के बीच अविश्वास पैदा कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वोट देने का अधिकार लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और यदि इस अधिकार के साथ कोई समझौता किया गया, तो देश के लोकतांत्रिक ढांचे की नींव खतरे में पड़ जाएगी।