चंदौली: मेडिकल कॉलेज में मृत मरीजों के नाम पर बिलिंग का आरोप, मचा हड़कंप
चंदौली के मेडिकल कॉलेज में मृत मरीजों के नाम पर बिलिंग करने का गंभीर आरोप लगा है। पूर्व विधायक मनोज सिंह ने जांच की मांग की है।

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के कमलापति त्रिपाठी संयुक्त जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की डायलिसिस यूनिट में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। मामला इतना गंभीर है कि आरोप लगाया गया है कि अस्पताल प्रशासन ने उन मरीजों के नाम पर बिलिंग की, जिनकी मौत काफी समय पहले हो चुकी है।
इस पूरे मामले को उजागर किया है पूर्व समाजवादी पार्टी विधायक मनोज सिंह 'डबलू' ने। उन्होंने दावा किया है कि अस्पताल में साल 2026 तक की बिलिंग प्रविष्टियाँ उन मरीजों के नाम पर की गईं, जिनकी मृत्यु साल 2023 में ही हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि प्रति मरीज 1,350 रुपये, 1,650 रुपये और 1,850 रुपये की अलग-अलग राशियों के फर्जी बिल बनाए गए।
स्टाफ ने भी जताई शिकायत, मिली धमकी
हैरानी की बात यह है कि इस घोटाले की आहट पहले ही यूनिट के कर्मचारियों ने भी महसूस कर ली थी। डायलिसिस यूनिट के कर्मचारियों ने जिला मजिस्ट्रेट चंद्र मोहन गर्ग और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को लिखित शिकायत सौंपी थी। शिकायत करने वाले कर्मचारियों का आरोप है कि जब उन्होंने इस संदिग्ध गड़बड़ी का विरोध किया, तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी गई।
शिकायत में यूनिट की मैनेजर नेहा कुमारी और चिकित्सक डॉ. सुभाष कुमार के नाम विशेष रूप से सामने आए हैं। पूर्व विधायक मनोज सिंह 'डबलू' ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त disciplinary action लिया जाए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि शिकायत करने वाले कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के बजाय उन्हें सुरक्षा मिलनी चाहिए।
अब प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है कि वह मेडिकल रिकॉर्ड, मृत्यु प्रमाणपत्र, डायलिसिस मशीन के लॉग और बिलिंग दस्तावेजों का मिलान कर इस सच का पता लगाए। फिलहाल, इस मामले में आरोपी पक्षों की प्रतिक्रिया का इंतजार है और प्रशासन की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो पाएगी।