चंदौली: गरबा इवेंट में डीजे के शोर से परेशान हुए लोग, निवासियों ने जताया कड़ा विरोध

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय इलाके में शारदीय नवरात्रि के मौके पर आयोजित एक गरबा-डांडिया इवेंट विवादों में घिर गया है। कृष्णा पैलेस के पास आयोजित इस कार्यक्रम में संगीत की आवाज इतनी तेज थी कि स्थानीय निवासियों का जीना मुश्किल हो गया। लोगों का कहना है कि उत्सव मनाना गलत नहीं है, लेकिन चंदौली गरबा शोर विरोध की यह स्थिति तब बनी जब डीजे की कानफोड़ आवाज ने पूरे इलाके की शांति भंग कर दी।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, तेज आवाज वाले डीजे और फिल्मी गानों के शोर के कारण बुजुर्गों को काफी परेशानी हो रही है। साथ ही, पढ़ाई कर रहे छात्रों की एकाग्रता प्रभावित हुई और बीमार मरीजों को आराम नहीं मिल पाया। लोगों ने चिंता जताई कि इस तरह के हाई-डेसिबल शोर से तनाव, नींद की कमी और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
आयोजन की अव्यवस्था और एंट्री पास का विवाद
इवेंट में शामिल हुए लोगों ने केवल शोर ही नहीं, बल्कि आयोजन के तौर-तरीकों पर भी सवाल उठाए हैं। बताया गया है कि कार्यक्रम की शुरुआत तो गरबा गीतों से हुई, लेकिन जल्द ही इसे फिल्मी गानों के शोर में बदल दिया गया। इसके अलावा, एंट्री पास को लेकर भी नाराजगी देखी गई।
- प्रति व्यक्ति करीब 200 रुपये का एंट्री पास लिया गया था।
- आयोजकों ने दावा किया था कि पास के साथ डांडिया स्टिक्स मुफ्त दी जाएंगी।
- हैरानी की बात यह रही कि बाहर निकलते समय बाउंसरों ने लोगों से वे स्टिक्स वापस छीन लीं।
परेशान स्थानीय लोगों ने अब आयोजकों से अपील की है कि वे आवाज के स्तर को नियंत्रित करें और समाज के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। निवासियों का स्पष्ट कहना है कि नवरात्रि का त्योहार खुशियां बांटने का समय है, न कि आम जनता के लिए परेशानी पैदा करने का।