चंदौली: फायरिंग के आरोपी युवक की गिरफ्तारी, अब सार्वजनिक माफी का वीडियो वायरल
चंदौली पुलिस ने फायरिंग मामले में 19 साल के युवक को गिरफ्तार किया, लेकिन अब सार्वजनिक माफी के वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया है।

उत्तर प्रदेश के चंदौली फायरिंग मामला में पुलिस ने एक 19 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, लेकिन इस कार्रवाई के बाद एक वीडियो सामने आने से नया विवाद खड़ा हो गया है। अलीनगर थाना क्षेत्र के रेवसा गांव में हुई इस घटना में आरोपी युवक पर हमला करने और गोली चलाने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी भोला भारती उर्फ करण को गिरफ्तार कर उसके पास से एक अवैध .315 बोर पिस्तौल, एक जिंदा कारतूस और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह पूरा विवाद पुरानी रंजिश को लेकर शुरू हुआ था। 2 नवंबर को एसआरबीएस स्कूल के पास आरोपी ने मोहम्मद सुफियान पर हमला किया और पिस्तौल से गोली चलाई, जो बाल-बाल बच गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसी दिन रात करीब 8:50 बजे कैली अंडरपास से आरोपी को दबोच लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले से पांच मामले दर्ज हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी युवक पुलिसकर्मियों के साथ गांव की गलियों में घूमता नजर आ रहा है। दावा किया जा रहा है कि युवक को सार्वजनिक रूप से घुमाया गया और उससे जबरन माफी मंगवाई गई। वीडियो में आरोपी के हाथ और पैरों पर चोटों के निशान भी दिखाई दे रहे हैं, जिससे पुलिस की हिरासत में उसके साथ व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
चूंकि आरोपी अनुसूचित जाति समुदाय से संबंध रखता है, इसलिए इस मामले में मानवाधिकारों और कानूनी प्रक्रिया के उल्लंघन की चर्चाएं तेज हो गई हैं। अब सबकी नजरें प्रशासन पर हैं कि वह इस वीडियो की निष्पक्ष जांच करता है या नहीं। आरोपी की मेडिकल जांच और पुलिस की भूमिका की जांच इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी साबित होगी, ताकि यह साफ हो सके कि कानून का पालन हुआ या मर्यादाओं का उल्लंघन किया गया।