चंदौली: पत्नी की बेरहमी से हत्या करने वाले पति को उम्रकैद, DNA रिपोर्ट ने पहुंचाया जेल
चंदौली की अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में इजहार अली को उम्रकैद की सजा सुनाई है। DNA सबूतों ने इस केस में अहम भूमिका निभाई।

उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की एक अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अपनी पत्नी की जान लेने वाले आरोपी पति इजहार अली उर्फ मुन्ना को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला करीब ढाई साल पुराना है, जिसमें वैज्ञानिक सबूतों और DNA रिपोर्ट ने पुलिस और अभियोजन पक्ष की मदद की, जिससे कातिल पति कानून के शिकंजे से बच नहीं पाया।
घटना इलिया थाना क्षेत्र के सिहारी गांव की है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, 18 मार्च 2024 की रात करीब 9 बजे इजहार अली और उसकी पत्नी निशा बेगम के बीच पैसों के लेनदेन और ई-रिक्शा की किस्त को लेकर जोरदार विवाद हुआ था। गुस्से में पागल इजहार ने घर के अंदर से दरवाजा बंद कर लिया और निशा पर ईंटों और पत्थरों से हमला कर दिया। जब निशा लहूलुहान हो गई, तो आरोपी ने गला घोंटकर उसकी जान ले ली। इस जघन्य अपराध की शिकायत मृतका के भाई ने दर्ज कराई थी।
'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत मिली कामयाबी
इस मामले की सुनवाई अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर-1 में चली। अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण पेश किए, जिसमें DNA रिपोर्ट सबसे अहम साबित हुई। अदालत ने दोषी इजहार अली को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषी जुर्माना नहीं भरता है, तो उसे दो साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
यह पूरी कार्रवाई चंदौली पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत की गई, जिसका मकसद अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है। अदालत ने इस मामले में निगरानी सेल, अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता संजय कुमार त्रिपाठी और इलिया थाने के अधिवक्ता हेड कांस्टेबल अश्विनी राय के प्रयासों की सराहना की, जिनकी कानूनी पैरवी से यह सजा संभव हो सकी।