अमेठी: जनगणना 2027 की तैयारी तेज, 68 फील्ड ट्रेनर्स को दिया जा रहा विशेष प्रशिक्षण

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में आगामी जनगणना 2027 की तैयारियां जोरों पर हैं। इसी सिलसिले में गौरीगंज तहसील ऑडिटोरियम में फील्ड ट्रेनर्स के दूसरे बैच का प्रशिक्षण सोमवार से शुरू हो गया है। इस पूरी प्रक्रिया का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि जब जनगणना का काम जमीन पर उतरे, तो डेटा पूरी सटीकता के साथ इकट्ठा किया जाए और कोई भी व्यक्ति छूटने न पाए।
बता दें कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में बांटा गया है। पहले बैच में 34 प्रशिक्षकों ने 8 से 10 अक्टूबर तक अपनी ट्रेनिंग पूरी की थी, जबकि दूसरे बैच के 34 प्रशिक्षक 12 से 14 अक्टूबर तक प्रशिक्षण ले रहे हैं। इस तरह जिले में कुल 68 फील्ड ट्रेनर्स को तैयार किया जा रहा है। ट्रेनिंग सत्र सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चल रहे हैं, जिसमें आईटीआई जगदीशपुर के प्रिंसिपल अजय कुमार सिंह और संजय गांधी पॉलिटेक्निक के विभागाध्यक्ष धीरेंद्र कुमार कुरिल मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभा रहे हैं।
जनगणना का पूरा शेड्यूल और गाइडलाइंस
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने जनगणना की समयसीमा और कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की। उत्तर प्रदेश समेत उत्तराखंड, पंजाब और गोवा के लिए एक सख्त टाइमलाइन तय की गई है। इस पूरी प्रक्रिया के मुख्य पड़ाव कुछ इस प्रकार रहेंगे:
- स्व-गणना (Self-enumeration): यह प्रक्रिया 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी।
- जनसंख्या गणना: मुख्य गणना 1 दिसंबर 2026 से शुरू होकर 4 जनवरी 2027 की आधी रात तक चलेगी।
- बेघर परिवारों की गणना: 4 जनवरी 2027 को शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक बेघर परिवारों का डेटा जुटाया जाएगा।
- डेटा रिविजन: 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक एकत्रित आंकड़ों की समीक्षा और सुधार किया जाएगा।
प्रशिक्षण सत्र में गौरीगंज तहसीलदार, जनगणना प्रभारी शिवी गौतम और जनगणना सहायक सर्वेश श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सभी कर्मियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ काम करें। उन्हें समझाया गया कि डेटा संग्रह में किसी भी तरह की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि जनगणना का डेटा भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।