बुलंदशहर सड़क हादसा: कासगंज के गांव में पसरा मातम, 5 लोगों की मौत से दहला इलाका
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में हुए एक दर्दनाक बुलंदशहर सड़क हादसा ने कासगंज के दिल्ली बुजुर्ग गांव की खुशियां मातम में बदल दी हैं। शुक्रवार को हुए इस हादसे में एक ही परिवार और गांव के पांच लोगों की जान चली गई। शनिवार सुबह जब इन सभी के शव गांव पहुंचे, तो पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया और हजारों की संख्या में लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे।
जानकारी के मुताबिक, यह हादसा नरोरा थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव के पास हुआ। बताया जा रहा है कि एक ईको कार सवार लोग एक साल की बच्ची प्रगति के मुंडन संस्कार के लिए बेलोन वाली माता मंदिर जा रहे थे। इसी दौरान ड्राइवर का नियंत्रण बिगड़ गया और कार जोरदार तरीके से एक पेड़ से टकरा गई। आशंका जताई जा रही है कि ड्राइवर को नींद आने की वजह से यह हादसा हुआ।
हादसे में मासूम बच्ची समेत पांचों की मौत
इस भीषण टक्कर में 60 वर्षीय रामदीन वर्मा, उनके 28 वर्षीय बेटे लोकेंद्र, ड्राइवर शिवशेखर मिश्रा, बबीता और एक साल की मासूम प्रगति की मौत हो गई। शनिवार को दिल्ली बुजुर्ग गांव में चार लोगों को एक साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया, जबकि नन्ही प्रगति को अलग से दफनाया गया। वहीं, ड्राइवर शिवशेखर मिश्रा का अंतिम संस्कार कदरगंज घाट पर किया गया। इस हादसे में तीन अन्य लोग—लक्ष्मी, 5 साल का प्रतीक और 11 साल की अनिका घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है।
गांव में शोक की लहर को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। पटियाली के एसडीएम, सर्कल ऑफिसर अमित कुमार, सिधपुरा पुलिस और बीडीओ कुलदीप कुशवाहा मौके पर मौजूद रहे ताकि अंतिम संस्कार शांतिपूर्वक संपन्न हो सके।
अमापुर के विधायक हरिओम वर्मा ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया। विधायक ने भरोसा दिलाया कि वह राज्य सरकार से हर संभव आर्थिक मदद दिलाने की कोशिश करेंगे। वहीं, गांव वालों और पीड़ित परिजनों ने सरकार से मृतकों के परिवारों के लिए 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है।