बसपा में बड़ा बदलाव: मायावती ने आकाश और ईशान आनंद को सौंपी नई जिम्मेदारियां

Sushant Singh18 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
बसपा में बड़ा बदलाव: मायावती ने आकाश और ईशान आनंद को सौंपी नई जिम्मेदारियां

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने पार्टी संगठन में एक बड़ा फेरबदल करते हुए जिम्मेदारियों का नया बंटवारा किया है। इस पुनर्गठन के तहत राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद और ईशान आनंद को महत्वपूर्ण भूमिकाएं सौंपी गई हैं। मायावती ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पार्टी को मजबूती देने और भविष्य की रणनीति को धार देने के लिए उठाया गया है।

आकाश आनंद संभालेंगे जनसभाओं की कमान

मायावती ने आकाश आनंद की परिपक्वता और पार्टी के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड में सार्वजनिक बैठकों और सम्मेलनों का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी है। उनके लिए एक विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया गया है, जिसके तहत वह उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में जनसभाओं को संबोधित करेंगे।

आकाश आनंद के कार्यक्रमों की सूची इस प्रकार है:

  • बुलंदशहर: 28 अक्टूबर, 2026
  • सहारनपुर: 2 नवंबर, 2026
  • अयोध्या: 20 नवंबर, 2026
  • आगरा: 22 नवंबर, 2026
  • कानपुर नगर: 29 नवंबर, 2026

उत्तर प्रदेश के अलावा, वह 26 नवंबर को पंजाब में संविधान दिवस के अवसर पर आयोजित एक सेमिनार में मुख्य अतिथि होंगे। वहीं, 6 दिसंबर को बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के मौके पर वह उत्तराखंड के हरिद्वार में एक जनसभा को संबोधित करेंगे। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से इन कार्यक्रमों को सफल बनाने का आह्वान किया है।

दूसरी ओर, लंदन से कानून की पढ़ाई कर चुके आनंद कुमार के छोटे बेटे ईशान आनंद को दिल्ली स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में चुनाव संबंधी कार्यों और दस्तावेजीकरण की निगरानी का जिम्मा दिया गया है। ईशान आनंद सीधे मायावती के मार्गदर्शन में एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में काम करेंगे।

इस संगठनात्मक बदलाव के बीच मायावती ने एक और बड़ा फैसला सुनाया है। उन्होंने अशोक सिद्धार्थ की पार्टी में वापसी की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। मायावती ने कड़े शब्दों में कहा कि अशोक सिद्धार्थ को किसी भी परिस्थिति में दोबारा पार्टी में शामिल नहीं किया जाएगा।

गौरतलब है कि यह बदलाव आकाश आनंद के लिए एक नई शुरुआत जैसा है। सितंबर 2026 में राजनीतिक परिपक्वता की कमी के कारण उन्हें सभी पदों से हटा दिया गया था, लेकिन अक्टूबर की शुरुआत में उन्हें फिर से राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में बहाल किया गया।

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