अमेठी: बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने परखी संगठन की ताकत, 10 नवंबर तक काम पूरा करने की डेडलाइन
बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने अमेठी में कार्यकर्ताओं की बैठक ली और 2027 चुनाव के लिए संगठन मजबूत करने के निर्देश दिए।

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी अभी से तेज कर दी है। इसी सिलसिले में रविवार को अमेठी के एक मैरिज लॉन में विधानसभा स्तरीय कार्यकर्ताओं की बड़ी बैठक हुई, जिसमें बसपा प्रदेश अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने शिरकत की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी के संगठनात्मक ढांचे की समीक्षा करना और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं में नया जोश भरना था।
कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विश्वनाथ पाल ने साफ कहा कि प्रदेश की जनता अब समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी, दोनों के शासन से निराश हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि लोग अब कानून के शासन और संवैधानिक मूल्यों वाली सरकार चाहते हैं, जिसके लिए वे बसपा प्रमुख मायावती की ओर देख रहे हैं। पाल ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश के भविष्य के लिए मायावती का मुख्यमंत्री बनना अब एक जरूरत बन गया है।
चुनाव की तैयारी और आगामी कार्यक्रम
संगठन को मजबूत करने के लिए प्रदेश अध्यक्ष ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सेक्टर और बूथ स्तर पर समीक्षा कार्यक्रम तेजी से चलाए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन से जुड़े सभी लंबित कार्यों को 8 नवंबर तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए और नए फोल्डर्स को 10 नवंबर तक जमा करना अनिवार्य है।
बैठक में आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि 20 नवंबर को अयोध्या के बीकापुर में एक विशेष कार्यक्रम होगा, जिसमें राष्ट्रीय समन्वयक आकाश आनंद शामिल होंगे। इस कार्यक्रम में जिला और विधानसभा समितियों के पदाधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इस मौके पर वरिष्ठ नेता जितेंद्र कुमार मिश्रा ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने ब्राह्मण समुदाय की अनदेखी की है, जबकि मायावती ने इस समाज को बड़े राजनीतिक अवसर प्रदान किए हैं। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुरेश कमल ने की, जिसमें मंडल प्रभारी नन्हे सिंह चौहान, शिवराम और बीएमसीईएफ जिला समन्वयक संजीव भारती समेत कई बड़े पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक खत्म होने के बाद विधानसभा प्रभारी शमशेर बौद्ध के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने विभिन्न गांवों का दौरा किया। इस जनसंपर्क अभियान का मकसद बूथ कमेटियों का पुनर्गठन करना और पार्टी की पकड़ को गांव-गांव तक मजबूत करना था।