इटावा: बृजभूषण शरण सिंह ने सपा-कांग्रेस गठबंधन को घेरा, सीट शेयरिंग पर कसा तंज
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने इटावा में सपा-कांग्रेस गठबंधन और सीट शेयरिंग पर तीखा हमला बोला और 2027 चुनाव को दिलचस्प बताया।

इटावा में आयोजित 'दशहरा मिलन' कार्यक्रम के दौरान पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उत्तर प्रदेश की सियासत पर जमकर अपनी बात रखी। क्षत्रिय स्वाभिमान मंच द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने आगामी विधानसभा चुनावों और समाजवादी पार्टी व कांग्रेस के बीच चल रही सीट शेयरिंग की चर्चाओं पर तीखा हमला बोला। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि अगर सीट बंटवारे की जिम्मेदारी उनके पास होती, तो वह कांग्रेस को 25 से ज्यादा सीटें नहीं देते, जबकि खबरें हैं कि कांग्रेस 200 सीटों की मांग कर रही है।
2027 चुनाव और विपक्षी गुटों पर टिप्पणी
आने वाले समय की राजनीतिक स्थिति का आकलन करते हुए सिंह ने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव बेहद 'दिलचस्प' होने वाले हैं, क्योंकि सभी बड़ी पार्टियां अपनी तैयारी तेज कर चुकी हैं। विपक्षी खेमे के आंतरिक तालमेल पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने सुझाव दिया कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को आजम खान के साथ थोड़ा पहले संपर्क साधना चाहिए था।
राजनीतिक चर्चाओं के अलावा, बृजभूषण शरण सिंह ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने जहां असदुद्दीन ओवैसी को एक 'अच्छा नेता' बताया, वहीं जम्मू-कश्मीर के नेता फारूक अब्दुल्ला की पाकिस्तान के प्रति कथित पसंद की कड़ी आलोचना की।
PoK (पाक अधिकृत कश्मीर) के मुद्दे पर अपना कड़ा रुख दोहराते हुए उन्होंने कहा कि PoK भारत का अभिन्न अंग है और उन्हें पूरा भरोसा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार इसे भारत में वापस लाएगी, क्योंकि पाकिस्तान में भारत का मुकाबला करने की क्षमता नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने कांग्रेस पार्टी की इस आदत पर भी सवाल उठाए कि वह दिवाली जैसे त्योहारों और छुट्टियों के दिन राजनीतिक विरोध प्रदर्शन आयोजित करती है।