मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, विरोधियों को दी खुली चुनौती

पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने उन्नाव में एक जनसभा के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने इस नियुक्ति प्रक्रिया पर उठाए जा रहे सवालों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और कानूनी ढांचे के भीतर हुई है।
बृजभूषण शरण सिंह ने स्पष्ट किया कि साल 2023 से पहले इस तरह की नियुक्तियों के लिए कोई औपचारिक और निर्धारित प्रक्रिया मौजूद नहीं थी। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद एक व्यवस्थित नीति तैयार की गई, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू किया गया।
नियुक्ति प्रक्रिया और कानूनी आधार
सिंह ने विस्तार से बताया कि ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति 'मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023' के तहत की गई है। इस कानून के अनुसार, चयन समिति में निम्नलिखित सदस्य शामिल होते हैं:
- प्रधानमंत्री (अध्यक्ष के रूप में)
- लोकसभा में विपक्ष के नेता
- प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री
उन्होंने जोर देकर कहा कि 19 फरवरी 2025 को कार्यभार संभालने वाले ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति इसी वैधानिक ढांचे के तहत हुई है। बृजभूषण शरण सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि किसी को इस नियुक्ति से आपत्ति है, तो वे ठोस सबूत पेश करें या सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएं।
इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इन आंदोलनों को विदेशी ताकतों का समर्थन प्राप्त है, जिनका एकमात्र उद्देश्य देश की स्थिरता को बिगाड़ना है।