आजम खान से मुलाकात पर घमासान: ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव को घेरा, लगाया तुष्टिकरण का आरोप
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने आजम खान से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव और सपा पर तुष्टिकरण और अराजकता का आरोप लगाया है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा रामपुर जेल में बंद पार्टी नेता आजम खान से मुलाकात के बाद भाजपा ने उन पर तीखा हमला बोला है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस मुलाकात को लेकर सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी का इतिहास केवल तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और अराजकता का रहा है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जोर देकर कहा कि जहां योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने पूरे प्रदेश में विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून व्यवस्था को मजबूत किया है, वहीं सपा केवलchaos (अराजकता) फैलाने का काम करती रही है। इस राजनीतिक विवाद में भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े भी कूद पड़े। उन्होंने सपा के चर्चित 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर तंज कसते हुए इसका नया मतलब बताया। तावड़े ने कहा कि सपा के लिए PDA का असली अर्थ 'प्रदेश में दंगा और अराजकता' है।
भाजपा का बड़ा आरोप: आजम खान को बनाना चाहते थे गृह मंत्री
विनोद तावड़े ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की मंशा आजम खान को गृह मंत्री बनाने की थी। उन्होंने आजम खान को दंगाइयों का सरगना करार देते हुए चेतावनी दी कि अगर ऐसी सोच वाली सरकार आई, तो प्रदेश की प्रगति पूरी तरह पटरी से उतर जाएगी।
दूसरी ओर, जेल में मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने साफ कर दिया कि उनका मुख्य लक्ष्य 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा को सत्ता से बाहर करना है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सामाजिक न्याय, सच्चाई और 'PDA' के एजेंडे पर आगे बढ़ेगी। अखिलेश ने आजम खान के परिवार के साथ हुए अन्याय का जिक्र करते हुए विश्वास जताया कि कानूनी लड़ाइयों में अंततः सच्चाई की जीत होगी। साथ ही, उन्होंने चुनाव आयोग पर भी निशाना साधते हुए उसे 'भाजपा का एजेंट' करार दिया।