'अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस', डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का तीखा हमला

Shubham Singh17 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
'अस्तित्व बचाने की लड़ाई लड़ रही कांग्रेस', डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का तीखा हमला

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस पार्टी पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस अब देश के कई हिस्सों में, खासकर उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन पूरी तरह खो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब केवल अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है और सत्ता पाने की लालसा में किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

उपमुख्यमंत्री पाठक ने कांग्रेस द्वारा किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह पार्टी कथित तौर पर देशविरोधी तत्वों के साथ मिलकर प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह अच्छी तरह पता है कि उत्तर प्रदेश में उसका कोई आधार नहीं बचा है। यदि मुस्लिम तुष्टीकरण की राजनीति को हटा दिया जाए, तो देश के अधिकांश हिस्सों में कांग्रेस की स्थिति बेहद नाजुक है।

सत्ता की भूख और आंतरिक कलह

ब्रजेश पाठक ने कांग्रेस के भीतर चल रही उथल-पुथल पर तंज कसते हुए कहा कि यह सब सत्ता की भूख का नतीजा है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि देश की आम जनता केवल शांति, स्थिरता और कानून व्यवस्था चाहती है। पाठक ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत की है, जिससे कांग्रेस को तकलीफ हो रही है।

कांग्रेस के इतिहास पर प्रहार करते हुए उन्होंने 1975 के आपातकाल (Emergency) का जिक्र किया और इसे असंवैधानिक कृत्य बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की आर्थिक नीतियों ने देश को गहरे संकट में धकेला था, जबकि आज मोदी सरकार के मार्गदर्शन में वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत हुई है।

इस दौरान डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव को दूसरों की चिंता छोड़कर अपने राजनीतिक घर को संभालना चाहिए, क्योंकि उनकी अपनी 'इंजन' आपस में ही टकरा रहे हैं। उन्होंने सपा प्रमुख पर तंज कसते हुए कहा कि वह एक 'फैमिली प्राइवेट लिमिटेड कंपनी' चला रहे हैं, उन्हें लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की समझ नहीं है।

गौरतलब है कि यह पूरा विवाद उस समय और गरमा गया जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों पर भारत में बांग्लादेश जैसी राजनीतिक उथल-पुथल पैदा करने और 'रीजीम चेंज' (सत्ता परिवर्तन) की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

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