बीजेपी का बड़ा दांव: 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान के जरिए विपक्ष को घेरने की तैयारी
बीजेपी ने विपक्षी नैरेटिव को काटने के लिए 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान शुरू किया है, जिसमें अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे दिग्गज शामिल होंगे।

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने विपक्षी दलों के नैरेटिव को ध्वस्त करने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की है। पार्टी ने राज्य के सभी छह क्षेत्रों में 'लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ' अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। यह मुहिम दो चरणों में चलेगी—पहला चरण 24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक और दूसरा चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य चुनाव प्रक्रियाओं और मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे दावों का जवाब देना है।
दरअसल, यह अभियान विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन की उस रैली के जवाब में देखा जा रहा है, जो 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे के साथ होने वाली है। बीजेपी इस मौके का इस्तेमाल चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों का खंडन करने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बचाव के लिए करना चाहती है। पार्टी इस अभियान के जरिए वर्तमान शासन की तुलना पुराने दौर की इमरजेंसी और मीडिया सेंसरशिप जैसी घटनाओं से कर जनता को जागरूक करेगी।
जमीनी स्तर पर होगा संपर्क, दिग्गजों का लगेगा जमावड़ा
बीजेपी ने इस अभियान को केवल रैलियों तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे पूरी तरह जमीनी स्तर पर ले जाने की योजना बनाई है। इसके तहत जिला और विधानसभा स्तर पर पदयात्राएं निकाली जाएंगी, घर-घर जाकर बूथ स्तर पर संपर्क साधा जाएगा और कॉलेजों, विश्वविद्यालयों व कोचिंग संस्थानों में संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डिजिटल दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पार्टी हर लोकसभा क्षेत्र से 2,000 सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और बुद्धिजीवियों को जोड़ेगी, जिसकी निगरानी 'सरल' पोर्टल के माध्यम से की जाएगी।
इस महा-अभियान में केंद्रीय नेतृत्व की बड़ी भागीदारी रहेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जेपी नड्डा, राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल और भूपेंद्र यादव जैसे दिग्गज नेता इसमें शामिल होंगे। गृह मंत्री अमित शाह 2 नवंबर को हैदराबाद और 5 नवंबर को हरियाणा के करनाल में पदयात्राओं का नेतृत्व करेंगे।
उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भी इसकी गूंज सुनाई देगी। 4 नवंबर को प्रयागराज (काशी क्षेत्र), गोरखपुर और कानपुर (कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र) में मार्च निकाले जाएंगे, जबकि 5 नवंबर को गाजियाबाद (पश्चिम क्षेत्र) और बरेली (ब्रज क्षेत्र) में कार्यक्रम आयोजित होंगे। साथ ही, भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) ने भी 'मन की बात, युवाओं के साथ' कार्यक्रम के जरिए 30 नवंबर तक देशव्यापी युवा संपर्क अभियान चलाने का फैसला किया है।