बीज कालाबाजारी पर भड़के BJP MLA बृज भूषण राजपूत, सरकारी कर्मचारी को जड़ा थप्पड़

महोबा में बीज की कालाबाजारी रोकने पहुंचे BJP विधायक बृज भूषण राजपूत ने कर्मचारी को थप्पड़ जड़ा, वीडियो वायरल। जानें पूरा मामला।

Sushant Singh22 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
बीज कालाबाजारी पर भड़के BJP MLA बृज भूषण राजपूत, सरकारी कर्मचारी को जड़ा थप्पड़

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां चरखारी से भाजपा विधायक बृज भूषण राजपूत ने एक सरकारी गोदाम कर्मचारी को थप्पड़ जड़ दिया। यह पूरी घटना बीज की कथित कालाबाजारी को लेकर हुई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। विधायक का आरोप है कि किसानों के लिए मुफ्त मिलने वाले चने के बीजों की चोरी कर उन्हें अवैध रूप से बेचा जा रहा था।

घटना 22 अक्टूबर 2026 की है, जब विधायक बृज भूषण राजपूत गोदाम पहुंचे और वहां उन्होंने देखा कि चने के बीजों को एक पिकअप वाहन में लादा जा रहा था। इस दौरान उनकी बहस गोदाम कर्मचारी सोनू यादव से हो गई। वायरल वीडियो में विधायक को कर्मचारी से यह सवाल करते हुए सुना जा सकता है कि क्या उसके संबंध समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव से हैं। विधायक ने आरोप लगाया कि इस तरह का बड़ा काम कोई अकेला व्यक्ति नहीं कर सकता, इसमें ऊपर से मिलीभगत है।

लाखों के बीज जब्त, तीन लोग हिरासत में

विधायक ने मौके पर मौजूद डिप्टी एग्रीकल्चर डायरेक्टर को भी फटकार लगाई और कहा कि बीज की आवाजाही पर उनकी नजर क्यों नहीं थी। इस हंगामे के बाद जिला कृषि अधिकारी ने औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोदाम प्रभारी सोनू यादव, एक चपरासी और पिकअप ड्राइवर समेत तीन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें हिरासत में ले लिया है।

पुलिस ने मौके से चने के बीजों की लगभग 100 बोरियां और परिवहन में इस्तेमाल की जा रही गाड़ी जब्त की है। अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए बीजों की बाजार कीमत करीब 4 से 5 लाख रुपये बताई जा रही है।

बृज भूषण राजपूत ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि भ्रष्टाचार में लिप्त कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को न केवल जेल जाना होगा, बल्कि उनकी नौकरी से भी बर्खास्तगी होनी चाहिए। वहीं, जिला कृषि अधिकारी और कुलपहार के केंद्र प्रभारी ने भी पुष्टि की है कि बीजों को कहीं भेजने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया था, जिससे यह साफ होता है कि बीजों की अवैध तस्करी की जा रही थी।

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