यौन उत्पीड़न के आरोपों पर बवाल: लखनऊ में कांग्रेस कार्यालय के बाहर भाजपा महिला मोर्चा का जोरदार प्रदर्शन

राजधानी लखनऊ में शनिवार को उस वक्त सियासी पारा चढ़ गया जब भाजपा महिला मोर्चा ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यह पूरा हंगामा कांग्रेस सांसद और जेएनयू (JNU) के प्रोफेसर रहे अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर लगे यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों को लेकर हुआ। भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मामले की कड़ी निंदा करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की और कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
दरअसल, यह मामला दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) से जुड़ा है, जहां 11 छात्राओं ने प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। मामला तब और गरमा गया जब यह पता चला कि आरोपी न केवल एक प्रोफेसर हैं, बल्कि कांग्रेस सांसद भी हैं। भाजपा महिला मोर्चा ने इस मुद्दे को देशभर में उठाने का फैसला किया है और राज्य से लेकर जिला स्तर तक इसी तरह के प्रदर्शनों की योजना बनाई है ताकि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की मांग को मजबूती से रखा जा सके।
जेएनयू ने प्रोफेसर को सेवा से बर्खास्त किया
इस पूरे विवाद में अब एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। जेएनयू प्रशासन ने आंतरिक समिति (IC) की जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यूनिवर्सिटी द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जांच समिति ने अकोइजम के खिलाफ गंभीर सबूत पाए और उन्हें कड़ी सजा देने की सिफारिश की।
छात्राओं का आरोप था कि उन्होंने इस संबंध में मई महीने में ही कुलपति को शिकायत दी थी, लेकिन प्रशासन ने समय पर उचित कदम नहीं उठाए। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब दिल्ली महिला आयोग (DCW) ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए इस मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी। आयोग ने यूनिवर्सिटी को निर्देश दिया था कि यौन उत्पीड़न की शिकायतों का निपटारा पूरी संवेदनशीलता और कानून के दायरे में रहकर जल्द से जल्द किया जाए।
फिलहाल, लखनऊ में हुए इस प्रदर्शन ने राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है, क्योंकि भाजपा अब इस मुद्दे को महिला सुरक्षा और कांग्रेस की जवाबदेही से जोड़कर देख रही है।