लखनऊ: विभूति खंड थाने पर भाजपा पार्षदों का जोरदार प्रदर्शन, पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी
लखनऊ के विभूति खंड थाने पर भाजपा पार्षदों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जानें क्या है पूरा मामला।

राजधानी लखनऊ में एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। शहर के विभूति खंड पुलिस स्टेशन पर भाजपा पार्षदों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्षदों ने पूरे थाने को घेर लिया और वहां तैनात इंस्पेक्टर के खिलाफ 'मुरदाबाद' के नारे लगाए। पुलिस प्रशासन के कामकाज और जवाबदेही को लेकर स्थानीय भाजपा प्रतिनिधियों और पुलिस के बीच यह टकराव अब सड़क पर उतर आया है।
विभूति खंड थाना पिछले कुछ समय से विवादों का केंद्र बना हुआ है। यहाँ पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर अक्सर असंतोष देखा गया है। इससे पहले मार्च 2025 में भी वकीलों के विरोध प्रदर्शन के कारण यहाँ भारी हंगामा हुआ था, जिसके बाद नौ पुलिसकर्मियों पर मामले दर्ज किए गए थे। प्रशासनिक लापरवाही और ड्यूटी में चूक के कारण इस थाने में कई बार फेरबदल भी किया गया है।
पुलिस की कार्यशैली पर सीएम योगी की नाराजगी और कार्रवाई
पुलिस प्रशासन के प्रति यह गुस्सा केवल पार्षदों तक सीमित नहीं है। मई और जून 2026 के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की राजधानी में आपराधिक मामलों के निपटारे को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई थी। विशेष रूप से भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी शिवम सिंह की हत्या के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल उठे थे। इस मामले में सख्त एक्शन लेते हुए एसीपी विनय द्विवेदी और एसएचओ अमर सिंह समेत तीन पुलिस अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया था।
लखनऊ में भाजपा प्रतिनिधियों द्वारा पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 22 अक्टूबर 2026 को शारदा नगर वार्ड के पार्षद हिमांशु अंबेडकर ने एशियाना थाने में धरना दिया था, क्योंकि उन पर पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी दी गई थी। वहीं, अगस्त 2026 में विकास निधि को लेकर मेयर और पार्षदों के बीच आंतरिक विवाद भी सामने आया था, जिसकी गूंज केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह के कार्यालय तक पहुंची थी।